भारत की इन 10 जगहों पर नहीं होता रावण दहन

Please follow and like us:
RSS
Follow by Email
Facebook
Twitter
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Instagram

10 jagah jaha nahi hota Ravan dahan – नवरात्रि के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता हैं। इस दिन रावण के पुतले का दहन कर, असत्य पर सत्य की विजय का पर्व मनाया जाता है। लेकिन हमारे ही देश में कई ऐसी जगह हैं, जहां रावण का दहन नहीं बल्कि उस‍का पूजन किया जाता है। तो जानिए इन जगहों के बारे में

 

 उज्जैन

 

 उज्जैन

 

योगिनी एकादशी व्रत और इसका महत्व

 

  • उज्जैन जिले के चिखली गांव में रावण दहन नहीं किया जाता, बल्कि उसकी पूजा की जाती है। यहां ऐसा कहा जाता है कि रावण की पूजा नहीं करने पर गांव जलकर राख हो जाएगा।

 

बिसरख

 

बिसरख

 

  • यूपी के बिसरख गांव में रावण का मंदिर बना हुआ है, जहां उसकी पूजा होती है। ऐसा माना जाता है कि बिसरख गांव, रावण का ननिहल था। पुराणों में बिसरख का नाम विश्वेश्वरा बताया गया है जो रावण के पिता के नाम पर था।  

 

मंदसौर

 

मंदसौर

 

  • मध्यप्रदेश के मंदसौर में रावण को पूजा जाता है। कहा जाता है कि मंदसौर का असली नाम दशपुर था, और यह रावण की धर्मपत्नी मंदोदरी का मायका था। इसलिए इस शहर का नाम मंदसौर पड़ा। मंदसौर  रावण का ससुराल था इसी कारण यहां रावण दहन नहीं किया जाता।

 

बैजनाथ

 

बैजनाथ

 

  • बैजनाथ हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का एक कस्बा है जहां पर रावण की पूजा की जाती है। यहां के बारे में कहा जाता है, कि रावण ने यहां पर भगवान शिव की तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मोक्ष का वरदान दिया था। इसलिए शि‍व के इस भक्त का यहां पुतला नहीं जलाया जाता ।

 

आंध्रप्रदेश  

 

आंध्रप्रदेश  

 

  • आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में रावण का मंदिर बना हुआ है, जहां भगवान शिव के साथ रावण की भी पूजा की जाती है। यहां पर विशेष रूप से मछुआरा समुदाय रावण की पूजा करता है।

 

अमरावती

 

अमरावती

 

  • महाराष्ट्र के अमरावती में गढ़चिरौली नामक स्थान पर आदिवासी समुदाय द्वारा रावण का पूजन होता है। आदिवासी अपने फाल्गुन पर्व को रावण की पूजा करके सेलिब्रेट करते हैं। ऐसा कहा गया है कि आदिवासी रावण और उसके पुत्र को अपना देवता मानते हैं।

 

जोधपुर

 

जोधपुर

 

  • राजस्थन के जोधपुर में भी रावण का मंदिर है। कुछ विशेष समाज के लोग यहां पर रावण की पूजा करते हैं और खुद को रावण का वंशज मानते हैं। इस स्थान को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं।

 

दक्षिण भारत

 

दक्षिण भारत

 

  • दक्षिण भारत में रावण को परम ज्ञानी, पंडित और शिवभक्त माना जाता है इसलिए यहां पर रावण दहन को बहुत बुरा मानते हैं।

 

कनार्टक

 

कनार्टक

 

  • कर्नाटक के कोलार जिले में लोग फसल महोत्सव के दौरान रावण की पूजा करते हैं। इस लंकेश्वर महोत्सव के मौके पर भव्य जुलूस भी निकला जाता है। यहाँ लोग रावण की पूजा इसलिए करते हैं क्योंकि वह भगवान शिव का परम भक्त था। यहां पर रावण का एक मंदिर भी है।

 

उत्तर प्रदेश का जसवंतनगर

 

उत्तर प्रदेश का जसवंतनगर

 

  • दशहरे पर यहां रावण की आरती उतार कर पूजा की जाती है और फिर रावण की मूर्ति के टुकड़े कर दिए जाते हैं।  तेरहवें दिन रावण की तेरहवीं भी की जाती है।

 

For more updates like 10 jagah jaha nahi hota Ravan dahan, do subscribe to our newsletter and follow us on Facebook, Twitter, Instagram, and Google+.

 

ऐसी ही और जानकरी के लिए हमारे न्यूजलेटर को सबस्क्राइब करें और फेसबुकट्विटर और गूगल पर हमें फ़ॉलों करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. We make every effort to link back to original content whenever possible. If you own rights to any of the images, and do not wish them to appear here, please contact us and they will be promptly removed. Usage of content and images on this website is intended to promote our works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2019 Tentaran.com. All rights reserved.
× How can I help you?