Adhik maas purnima 2020 – जानें अधिक मास की पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

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Adhik maas purnima vrat puja vidhi – इस साल अधि​क मास की पूर्णिमा 1 अक्टूबर 2020 को पड़ रही है। अधि​क मास की पूर्णिमा या मलमास की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु अपने भक्तों को सुख- समृद्धि का आशिर्वाद देते हैं। ये दिन उन्हीं को समर्पित है। तो चलिए आपको बताते हैं अधिक मास की पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्वadhik maas purnima vrat puja vidhi

कब है अधि​क मास की पूर्णिमा? (Adhik Maas Purnima 2020 Kab Ki Hai) – Adhik maas purnima vrat puja vidhi

  • इस साल 1 अक्टूबर 2020 को अधि​क मास की पूर्णिमा पड़ रही है। इस दिन भक्त नदी आदि में स्नान करते हैं और गरीबों को दान करते हैं। पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। भक्त पूर्णिमा के दिन या एक दिन पूर्व भगवान सत्यनारायण का व्रत करते हैं और उनकी कथा सुनते हैं।
  • इस दिन भगवान लक्ष्मी नारायण जी की पूजा विधिपूर्वक की जाती है। माना जाता है कि इस दिन व्रत पूजन करने से भक्तों को दोगुना फल प्राप्त होता है।

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अधिक मास पूर्णिमा का महत्व ( Adhik maas purnima Mahatva) – Adhik maas purnima vrat puja vidhi

  • अधिक मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि यह मास विष्णु भगवान को समर्पित है। इस दिन विष्णु जी की पूजा करना मंगलकारी माना गया है।
  • पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान के श्रीसत्यनारायण अवतार की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। इस दिन पूजा पाठ करने से भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति होती है।
  • संपत्ति, धन, सुख, वैभव आदि की वृद्धि होती है। श्रीसत्यनारायण भगवान की पूजा करने से भक्तों को भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पूजा विधि ( Maas Purnima Puja Vidhi)  – Adhik maas purnima vrat puja vidhi

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • पूजा स्थल की गंगाजल से सफाई करें।
  • अब एक चौकी पर लाल और पीले कपड़े का आसन बिछाएं।
  • लाल कपड़े पर लक्ष्मी माता की मूर्ति स्थापित करें।
  • पीले कपड़े पर विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करें।
  • अब कुमकुम, अक्षत, हल्दी, रोली, अष्टगंध, चंदन, फूल, मिठाई चढ़ाएं।
  • पीले और लाल फूलों की माला अर्पित करें।
  • मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें और सुहाग की सारी सामग्री भेंट करें।
  • मखाने की खीर का प्रसाद और शुद्ध घी से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
  • अब लक्ष्मीनारायण व्रत की अच्छे से कथा सुनें और व्रत का संकल्प लें।
  • रात में पूर्णिमा के चांद के दर्शन करें और चांद को जल अर्पित करें।

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शुभ मुहूर्त ( Adhik maas purnima shubh muhurat) 

  • अधिक पूर्णिमा व्रत, 1 अक्टूबर 2020
  • प्रारम्भ – 12:25 ए.एम, अक्टूबर 01
  • समाप्त – 02:34 ए.एम, अक्टूबर 02

इस साल अधिक मास की पूर्णिमा पर बन रहा है शुभ योग – Adhik maas purnima vrat puja vidhi

  • अधिकमास की पूर्णिमा पर इस साल सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक 1 अक्टूबर 2020 को पूर्णिमा तिथि अर्धरात्रि के बाद तक रहेगी। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में वृद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग के साथ इस दिन का संयोग बेहद ही प्रभावशाली है।

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