Akshay navami vrat puja vidhi- मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए करें अक्षय नवमी व्रत, जानें पूजा विधि

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Akshay Navami Vrat Puja Vidhi – कार्तिक माह में शुक्ल नवमी के दिन अक्षय नवमी मनाई जाती है। इसे देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय नवमी के दिन सतयुग की शुरुआत हुई थी इसलिए अक्षय नवमी को सत्य युगादि के रूप में भी जाना जाता है| इस दिन आंवलें के पेड़ की पूजा होती है |

akshay navami vrat puja vidhi

अक्षय नवमी क्यों मनाई जाती हैं? akshay navami kyon manai jaati hai?

  • कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी अक्षय नवमी कहलाती है। इस दिन मथुरा-वृंदावन की परिक्रमा करना ज़रुरी माना जाता है| इस साल अक्षय नवमी 5 नवम्बर 2019, मंगलवार के दिन पड़ेगी|
  • नवमी के दिन स्नान करने से सभी प्रकार के पुण्यों की प्राप्ति होती है | इस दिन कई लोग व्रत करते हैं| ऐसा माना जाता है कि द्वापर युग का प्रारम्भ अक्षय नवमी से हुआ था।

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अक्षय नवमी पूजा महत्व | आंवला नवमी | akshay navami mahatva

  • अक्षय नवमी के दिन को आंवला नवमी के रूप में भी जाना जाता है। पारंपरिक रूप से आंवले के पेड़ की पूजा अक्षय नवमी के शुभ दिन की जाती है।
  • पश्चिम बंगाल में इस दिन को जगदात्री पूजा के रूप में मनाया जाता है| मां जगधात्री (जगत् + धात्री = जगत की रक्षिका) दुर्गा का एक रूप है।

Akshay Navami Vrat Puja Vidhi

  • इस दिन भक्ति भाव और विधि विधान के साथ पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं इसलिए इस नवमी को इच्छा नवमी भी कहते हैं।

अक्षय नवमी मुहूर्त | आंवला नवमी | akshay navami muhurat 

  • अक्षय नवमी पूर्वाह्न समय – 06:49 बजे से 12:21 बजे तक

(अवधि – 05 घण्टे 32 मिनट)

  • नवमी तिथि प्रारम्भ – 05 नवम्बर, 04 बजकर 57 मिनट से
  • नवमी तिथि समाप्त – 06 नवम्बर, 07 बजकर 21 मिनट तक

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अक्षय नवमी कथा | akshay navami katha 

  • एक कथा के अनुसार एक बार मां लक्ष्मी पृथ्वी पर घूमने आयी,उस दिन कार्तिक शुक्ल नवमी थी|
  • तब मां लक्ष्मी के मन में एक साथ भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने की इच्छा हुई|
  • मगर मां लक्ष्मी ने सोचा कि दोनों की एक साथ पूजा कैसे की जाए?
  • तब उन्होंने आंवले की पूजा की क्योंकि आंवले में तुलसी और बेलपत्र दोनों के गुण पाए जाते हैं|
  • तब भगवान विष्णु और शिव ने मां लक्ष्मी को एक साथ प्रकट होकर आशीर्वाद दिया|
  • उस दिन महालक्ष्मी ने आंवले के पेड़ के नीचे ही भोजन बनाकर भगवान को ग्रहण करवाया उसके बाद खुद भोजन खाया।

अक्षय नवमी पर क्या करें ? | akshay navami par kya karein? – Akshay Navami Vrat Puja Vidhi

  • अक्षय नवमी के दिन आंवलें के पेड़ के नीचे खाना बनाकर खाना चाहिए|
  • अगर आप आंवलें के पेड़ के नीचे खाना नहीं बना सकते, तो घर पर खाना बनाकर आंवलें के पेड़ की पूजा करने के बाद ही खाएं |

अक्षय नवमी पूजा विधि | puja vidhi – Akshay Navami Vrat Puja Vidhi

  • इस दिन महिलाएं प्रातः काल स्नान कर लें |
  • उसके बाद अपने आस-पास स्थित किसी आंवले के पेड़ के पास जाकर उसकी साफ-सफाई करें।
  • आंवले के पेड़ के नीचे जल चढ़ाएं।
  • पेड़ के चारों तरफ सूत (मौली) लपेटकर परिक्रमा करें।
  • पूजा-अर्चना के बाद अपनी श्रद्धानुसार भोग लगाएं।
  • उसके बाद आंवले के पेड़ की आरती उतारकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

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