क्या है आर्टिकल 370 जो बनाता है जम्मू-कश्मीरी नागरिकों को बाकियों से अलग

Please follow and like us:
RSS
Follow by Email
Facebook
Twitter
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Instagram

Article 370 of the Constitution of India – भारतीय संविधान का आर्टिकल 370 जम्मू-कश्मीर के लिए बना एक खास कानून है| ये जम्मू-कश्मीर को उनका खुद का संविधान प्रदान करता है जो वहां के स्थाई निवासियों को कुछ विशेषाधिकार देता है|

Article 370 of the Constitution of India

भारतीय संविधान के आर्टिकल 370 का इतिहास:

  • जब भारत और पाकिस्तान को ब्रिटिश राज से आज़ादी मिली तब जम्मू-कश्मीर ने दोनों ही देशों से जुड़ने से मना कर दिया| वह चाहते थे कि उन्हें एक अलग आज़ाद राष्ट्र का दर्जा मिले|
  • उस समय हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के महाराज हुआ करते थे|
  • 20 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान से ‘आज़ाद कश्मीर फ़ोर्स’ ने जम्मू-कश्मीर पर हमला कर दिया| महाराज हरि सिंह ने भारत से मदद की गुहार लगाई क्योंकि वह अपने आप को बचाने में सक्षम नहीं थे|
  • भारत मदद के लिए तैयार हुआ लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को अपने साथ जुड़ने के लिए कहा और एक ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’ 26 अक्टूबर 1947 को साइन किया गया|
  • 17 अक्टूबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने आर्टिकल 370 को संविधान से जोड़ा|
  • इसमें साफ तौर पर यह लिखा गया था कि जम्मू-कश्मीर के लिए बनाया गया यह आर्टिकल ‘अस्थायी’ है न की स्थायी|

ये भी पढ़ें: क्या है आर्टिकल 35A और क्या विशेष अधिकार मिले हैं जम्मू कश्मीर के नागरिकों को

किसने तैयार किया आर्टिकल 370?

  • भीमराव आम्बेडकर ने इसे तैयार करने से मना कर दिया था| उस समय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने कश्मीर के लीडर शेख अब्दुल्ला से कहा कि वह आम्बेडकर को आर्टिकल तैयार करने के लिए कहें|
  • आखिर में गोपालस्वामी आयंगर ने आर्टिकल तैयार किया| गोपालस्वामी भारत के पहले यूनियन कैबिनेट के पहले यूनियन मिनिस्टर थे| इससे पहले वह महाराज हरि सिंह के दीवान भी रह चुके थे|

क्या है आर्टिकल 370

Article 370 of the Constitution of India

  • आर्टिकल 370 को भारतीय संविधान के 21वें हिस्से में डाला गया है। यह एक अस्थायी, संक्रमणकालीन, विशेष प्रावधान आर्टिकल है|
  • यह जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को कुछ विशेषाधिकार देता है|
  • इसके कारण जम्मू-कश्मीर पर भारतीय संविधान की कई धाराएं लागू नहीं होती हैं|
  • राज्य सरकार के द्वारा पास न किया गया कोई भी कानून यहाँ लागू नहीं होता| सिर्फ विदेश मामले, रक्षा, संचार और आर्थिक कानून ही पूरे भारत की तरह यहाँ पर भी लागू होते हैं|
  • भारतीय संविधान की धारा 360 के तहत केंद्र सरकार कभी भी जम्मू-कश्मीर में वित्तीय आपातकाल घोषित नहीं कर सकती| ऐसा सिर्फ जंग या बाहरी आक्रामकता के कारण हो सकता है|
  • आंतरिक गड़बड़ी या फिर किसी खतरे के समय सिर्फ राज्य सरकार की अनुमति के बाद ही इमरजेंसी लगाई जा सकती है|

ये भी पढ़ें: What is Article 370 of the Indian Constitution – Special privileges to J&K

आर्टिकल 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर को मिले विशेषाधिकार

  • जम्मू-कश्मीर के निवासियों के पास दो नागरिकता है| एक जम्मू-कश्मीर की और दूसरी भारत की|
  • इनका अपना एक अलग झंडा है|
  • जम्मू-कश्मीर की विधान सभा की अवधि 6 साल की है|
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले यहाँ पर लागू नहीं होते|
  • सिर्फ कश्मीर का स्थायी निवासी ही यहाँ पर प्रॉपर्टी खरीद सकता है|
  • अगर कोई कश्मीरी महिला किसी गैर कश्मीरी व्यक्ति से शादी करती है। तो उसकी कश्मीरी नागरिकता ख़त्म हो जाएगी| लेकिन अगर वह एक पाकिस्तानी व्यक्ति से शादी करती है तो उसकी नागरिकता बरकरार रहेगी|
  • सिर्फ रक्षा, विदेश मामले और संचार से जुड़े कानूनों के अलावा जम्मू-कश्मीर में कोई भी कानून बिना राज्य सरकार की अनुमति के लागू नहीं हो सकते|
  • संसद से पास हुए बिल को राज्य सरकार द्वारा अनुमति मिलनी चाहिए ताकि वह जम्मू-कश्मीर में काम कर सके| जैसे सूचना का अधिकार जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा पास नहीं किया गया इसलिए उसे वहां लागू नहीं किया जा सकता|
  • कश्मीर में शिक्षा का अधिकार भी नहीं दिया गया|
  • भारतीय संसद राज्य के बॉर्डर को न तो बढ़ा सकते हैं और न ही घटा सकते हैं|

ये भी पढ़ें: लोक सभा चुनाव 2019 की जंग, जानें इलेक्शन डेट्स से जुड़ी सारी बातें

For more stories like Article 370 of the Constitution of India,  फेसबुकट्विटर और गूगल पर हमें फ़ॉलों करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. We make every effort to link back to original content whenever possible. If you own rights to any of the images, and do not wish them to appear here, please contact us and they will be promptly removed. Usage of content and images on this website is intended to promote our works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2019 Tentaran.com. All rights reserved.
× How can I help you?