बॉलीवुड की ड्रैमेटिक मदर्स जिन्हें लोग हमेशा करते हैं याद

Best onscreen mothers in Indian cinema– बॉलीवुड की फिल्मों में हमें मां के कई रूप देखने को मिले हैं| समय के साथ- साथ मां के किरदारों में भी फर्क देखने को मिला| आज हम आपको बॉलीवुड की उन आइकॉनिक मम्मियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने फिल्मी पर्दे पर अपनी दमदार एक्टिंग से जलवा तो बिखेरा ही साथ ही मां के किरदार को भी यादगार बनाया|

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फरीदा जलाल

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  • फरीदा जलाल ने फिल्मों में कभी सीरियस, तो कभी मज़ाकिया मां का किरदार निभाया| फिल्म ‘राजा हिंदुस्‍तानी’, ‘कुछ-कुछ होता है’, ‘दिल तो पागल है’, ‘कहो न प्‍यार है’, ‘कभी खुशी-कभी गम’ और ‘दिलवाले दुल्‍हनिया ले जाएंगे’ में इन्होंने मां की बहतरीन भूमिका निभाई| फरीदा को 1990 के हिट टीवी सीरियल ‘देख भाई देख’ में सुहासिनी के किरदार के लिए भी जाना जाता है|

जया बच्चन

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  • फिल्म कभी खुशी,कभी गम में मां का किरदार निभाकर इन्होंने दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग छाप छोड़ी | जया ने फिल्म ‘हजार चौरासी, ‘फिज़ा’, ‘कल हो न हो’ जैसी सुपहिट फिल्मों में मां का किरदार निभाया जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया|

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राखी

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  • राखी ने जहां अपने कॅरियर की शुरुआती दौर में अमिताभ बच्‍चन की एक्‍ट्रेस बनकर काम किया, वहीं समय गुज़रने के बाद इन्‍होंने ‘लावारिस’ और ‘शक्ति’ फिल्म में अमिताभ बच्‍चन की मां का भी किरदार निभाया| 1980 और 1990 में इन्‍होंने हिंदी फिल्मों में कई दमदार मां की भूमिकाएं निभाईं| फिल्म ‘राम-लखन’ , ‘बाजीगर’ , ‘खलनायक’ , ‘करन अर्जुन’  में निभाए गए मां के किरदार को दर्शक आज भी याद करते हैं|

रीमा लागू

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  • रीमा लागू ने मां का किरदार पहली बार फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ में निभाया|इसके बाद फिल्म ‘मैंने प्‍यार किया’, हम आपके हैं कौन, हम साथ-साथ हैं जैसी कई फिल्मों में मां की यादगार भूमिका अदा की| फिल्मों के अलावा इन्हें कई कॉमिक टेलीविज़न सीरीज़ को लेकर भी याद किया जाता है, ‘श्रीमान श्रीमती’ और ‘तू-तू मैं-मैं’ में उनकी जबरदस्‍त एक्टिंग के दर्शक आज भी फैन हैं|

वहीदा रहमान

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  • 1950 की फिल्मों में लीड एक्‍ट्रेस के तौर पर वहीदा ने लाखों लोगों के दिलों पर राज किया| 1970 के शुरुआत में इनको मां की भूमिकाओं में ज़्यादा देखा जाने लगा| इनके ममता से भरे मां के किरदारों को दर्शकों ने काफी पसंद किया| ‘कुली’, ‘ओम जय जगदीश’ , ‘रंग दे बसंती’, दिल्ली 6उनकी यादगार फिल्में हैं

दीना पाठक

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  • एक्‍ट्रेस दीना पाठक 1970 और 1980 के दशक में फिल्मों की पसंदीदा मां रहीं हैं| इन्‍होंने फिल्मों में मां और दादी की यादगार भूमिका निभाई| अपने दमदार किरदारों से इन्होंने दर्शकों का दिल जीत रखा था, आज भी लोग इन्हें याद करते हैं| देवदास, ईना मीना डीका, घरवाली बाहरवाली और परदेस जैसी कई फिल्मों में बहतरीन आदाकारी की|

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 ललिता पवार

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  • ललि‍ता पवार को ज़्यादातर मां के नेगेटिव किरदार में देखा गया है|कुछ फिल्मों में इनका सतौले बच्‍चों के लिए बिगड़ा हुआ स्‍वभाव नज़र आया, तो कुछ में सास के रूप में| ‘सौ दिन सास के’, ‘दाग’, ‘खानदान’ इनकी कुछ यादगार फिल्में हैं|

निरूपा रॉय

nirupa roy

  • निरूपा रॉय को ‘The Queen of Misery’ के नाम से भी जाना जाता है| 1970 से इन्‍होंने हिंदी फिल्मों में मां की भूमिका निभानी शुरू की थी| निरुपा ने फिल्मों में ज़्यादातर गरीब दुखी मां का किरदार निभाया| ये वो अभिनेत्री हैं जो देव आनंद, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर और मिथुन जैसे बड़े एक्टर्स की मां का किरदार निभा चुकी हैं|

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