क्या विभाजित भारत आतंकवादियों से जीत पाएगा?

Can divided India win against terrorism ? – 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला किया गया। इस हमले में सीआरपीएफ के कई जवान शहीद हो गए। इस आत्मघाती हमले से पूरे देश में गुस्सा देखने को मिल रहा है। हमारे इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि क्या विभाजित भारत आतंकवादियों से जीत पाएगा? ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हमारे भारत की सरकारों में कोई भी डिसीजन एक हित में नहीं लिया जाता।

Can divided India win against terrorism

सब राजनीतिक पार्टियां हर मुद्दें पर अपनी अलग- अलग राय रखती हैं। अगर कोई पार्टी अच्छा डिसीजन लेने की कोशिश भी करती है। तो उस डिसीजन को सारी पार्टियों के नेताओं की सहमति नहीं मिल पाती। उस मुद्दे को बीच में ही रोक दिया जाता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे उदाहरण दिखाएंगे।  

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हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। जबकि पांच अन्य उस हमले के मास्टरमाइंड को घेर कर मारने की जुगत में कामयाबी दिलाते हुए शहीद हो गए। जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने 100 किलोग्राम विस्फोटक से भरे एक वाहन से सीआरपीएफ की बस को टक्कर मारकर इस हमले को अंजाम दिया। इस हमले के बाद पूरा देश शहीदों की मौत पर शौक मना रहा है। लेकिन राजनीतिक पार्टियां अपनी- अपनी वोट बैंक की रोटियां सेक रही हैं। ये पार्टियां अपनी विपक्षी पार्टियों की टांग खीचने में लगी हैं। ये बहुत ही शर्मिंदगी की बात है कि वहां देश का जवान शहीद हो रहा है और राजनेता एक दूसरे की गलती, बुराइयां करने और इल्ज़ाम लगाने में व्यस्त हैं। इस मामले पर भी वो राजनीति करने से बाज़ नहीं आ रहे। देखिए इस मामले पर साथ देने की बजाय राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने क्या-क्या कहा।  

कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला

पुलवामा हमले के कुछ समय बाद कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मोदी सरकार पर निशाना साधा। सुरजेवाला ने हमले की निंदा तो की, लेकिन वो मोदी सरकार निशाना साधते रहे। कॉन्फेंस के दौरान सुरजेवाला ने कहा कि हमले के वक्त मोदी जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में डिस्कवरी चैनल के मुखिया के साथ मौजूद थे, और घड़ियालों के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शहीदों के अपमान का जो उदाहरण मोदी ने पेश किया ऐसा पूरी दुनिया में कहीं नहीं दिखता। जब देश शहीदों के शवों के टुकड़े चुन रहा था, तब मोदी शूटिंग और चाय-नाश्ता कर रहे थे।

अखिलेश यादव का ट्वीट

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को आत्मिक नमन। जम्मू-कश्मीर में जिस प्रकार हालात बेक़ाबू हो रहे हैं, उससे पूरे देश में आक्रोश जन्म ले रहा है। भाजपा सरकार को चुनावी राजनीति छोड़कर देशहित में सक्रिय होना चाहिए।

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

पुलवामा में 40 जवानों की शहादत की खबर के तीन घंटे बाद भी प्राइम टाइम मिनिस्टरफिल्म शूटिंग करते रहे थे। देश के दिल व शहीदों के घरों में दर्द का दरिया उमड़ा था और वे हँसते हुए दरिया में फोटोशूट पर थे।


महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करते हुए कहा सहमत नहीं हूं! पाकिस्तान को पठानकोट का डोजियर दिया गया था। लेकिन अपराधियों को सजा देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। समय आ गया है आगे बढ़ने और बात करने का। लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को एक चांस मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने हाल ही में पद संभाला है। बेशक चुनावों की तुलना में युद्ध संबंधी बयानबाजी अधिक हो रही है।

इन सब के बयानों और ट्वीट को देखकर ऐसा लगता है कि हमारा देश भले ही कितनी भी एकता दिखा ले, लेकिन सच तो यह है कि देश में एकता हैं ही नहीं। जब देश के राजनेताओं में ही एकता नहीं है तो वो देश में क्या एकता लाएंगे। ये नेता हर मुददे पर बस अपनी सियासी रोटियां सेक रहे हैं। इनकी इसी तकरार का फायदा दूसरे दुशमन देश और उनके आतंकवादी उठा रहे हैं। इनकी इसी तकरार की वजह से आतंकवादी हमारे देश में घुस कर हमे और हमारे जवानों को मौत के घाट उतार रहे हैं। इसलिए हम अपने इस आर्टिकल के ज़रिए आप सब से ये सवाल पूछ रहे हैं कि क्या विभाजित भारत आतंकवादियों से जीत पाएगा?

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अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब दूसरे देश के आतंकवादी हमारे घरों में घुसकर हमें मारेंगे और हम कुछ नहीं कर पाएंगे। इसलिए यही सही समय है अपने दुशमनों को मुंह तोड़ जवाब देने का। यहीं सही समय है इन सियासतदारों के एकजुट होने का। अगर इस समय ये राजनेता एक हो जाएं तो हम आतंकवाद को मुंह तोड़ जवाब दे सकते हैं।   

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