Corona History in India: कोरोना के शुरुआत से अंतिम चरण तक पहुंचने की कहानी

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Corona History in India Hindi – Corona Essay in Hindi – कोरोना वायरस एक ऐसी महामारी है जिसने पूरे देश में दहशत मचा रखी है। कोरोना महामारी का असर सभी देशों में देखने को मिला। इस वायरस के चलते न जाने कितने लोगों ने जान गवाई, कितने लोगों के घर सूने हो गए, न जाने कितने लोगों का परिवार टूट गया और न जाने कितने लोगों का रोज़गार गया। इसका बहुत ही भयावह असर देखने को मिला। आज जब वैक्सीन के रुप में लोगों को इस बीमारी से बचने की उम्मीद नज़र आ रही है, तो आईये डालते हैं एक नज़र कि कैसे दूर देश की उड़ती – उड़ती खबर से शुरु होकर कोरोना वायरस की बीमारी हम सब के जीवन में फैलती चली गई और बड़ी गहराई से हमारे दिल, दिमाग और जीवन में कब्ज़ा कर गई।corona history in india hindi

Corona History in India HindiCorona Essay in Hindi – Corona start and spread in India

कब और कहां आया सबसे पहले कोरोना वायरस

चीन (China) के वुहान (Wuhan) शहर से शुरु होकर ये वायरस पूरी दुनिया में फैल गया। इसका पहला मरीज वुहान शहर में मिला था। ऐसा कहा गया कि वुहान में कोरोना वायरस चमगादड़ की वजह से फैला, लेकिन आज तक कुछ भी साबित नहीं हो पाया। दुनिया में कोरोना वायरस के पहले मरीज के तौर पर चीन की 57 साल की एक महिला की पहचान हुई थी, जो वुहान में झींगा बेचती थी। इसका नाम वेई गुइजियान है। इसे ‘पेशेंट जीरो’ बताया गया। शुरुआत में इस बीमारी के कोरोना महामारी होने का पता न होने के कारण, वो महिला लोगों से मिलती – जुलती रही जिसके चलते इस महिला से इसके पूरे परिवार को और फिर दूसरे कई लोगों को संक्रमण हो गया। बीमारी की पुष्टि होने पर चीन के प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दिसंबर के आखिर में इस महिला को क्‍वारंटीन किया। इसके बाद ये वायरस धीरे- धारे पूरी दुनिया में फैल गया। 20 मार्च 2020 तक दक्षिण कोरिया, ताइवान, थाईलैंड, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, हांगकांग, सिंगापुर, भारत, वियतनाम, ईरान, इराक, दुबई, कतर, इटली, कुवैत और अन्य 160 देशों में इसकी पुष्टि के मामले सामने आए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे महामारी घोषित किया और इसको कोविड-19 (COVID-19) नाम दिया गया। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक कोरोना वायरस एक जूनोटिक है, जिसके अनुसार यह 2019-nCoV के ज़रिए जानवरों से मानव में फैला है। ऐसा माना जा रहा है कि 2019-nCoV सीफूड खाने से फैला था लेकिन अब कोरोना वायरस मानव से मानव में फैल रहा है।

Corona History in India Hindi

कोरोना की वजह से भारत में लगा लॉकडाउन – corona essay in hindi

30 जनवरी 2020 को भारत सरकार ने केरल में कोरोना संक्रमण के पहले मरीज की पुष्टि की, जब वुहान के एक विश्वविद्यालय में पढ़ रहा छात्र भारत लौटा था। 22 मार्च तक भारत में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस की संख्या 500 तक थी, इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 19 मार्च 2020 को घोषणा करी कि 22 मार्च को सुबह 7 से 9 बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ लगाया जाएगा। जनता कर्फ्यू का अर्थ था कि लोग अपनी मर्ज़ी से अपने – अपने घरों के अंदर रहें। इसके बाद पीएम मोदी ने 23 मार्च को 21 दिनों के लिए पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। इस घोषणा ने पूरे देश को हिला के रख दिया। रात 8 बजे ये घोषणा की गई कि लॉकडाउन उसी रात 12 बजे (24 मार्च) से लागू हो जाएगा। इस घोषणा के अनुसार बस, ट्रेन, फ्लाइट्स आदि सभी बंद कर दी गईं, यहां तक कि लोगों का घरों से निकलना भी बंद कर दिया गया। हालात न सुधरने के कारण 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए फिर से लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ा दिया और 3 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया। इस अवधि के खत्म होते ही गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। देशभर में लॉकडाउन के पांचवें चरण की घोषणा 30 मई को की गई। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्ति जैसे पुलिस, मीडिया, चिकित्सा सेवाएं और अग्निशामको को छोड़कर प्रत्येक व्यक्ति को लॉकडाउन का पालन करना आवश्यक था।

Corona History in India Hindi

लॉकडाउन के दौरान लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना निषेध किया गया। सभी परिवहन सेवाओं सड़क, वायु, और रेल को निलंबित किया गया। शैक्षिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आतिथ्य सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया। खाद्य दुकानें, बैंक और एटीएम, पेट्रोल पंप, अन्य आवश्यक वस्तुएं और उनके विनिर्माण जैसी सेवाओं को छूट दी गई। लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों को दंड दिया गया। इस दौरान मास्क लगाना अनिवार्य था, न लगाने पर जुर्माना लगाया गया। इ- कॉर्मस वेबसाइट तक बंद कर दी गई। इस दौरान लोगों को रोज़मर्रा के सामान को खरीदने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात इतने बुरे हो गए कि लोग अपना – अपना घर छोड़कर अपने होम टाउन या गांव वापस जाने लगे। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी दिक्कतें आई वाहन की, सड़क पर वाहन न होने के कारण लोग बहुत परेशान हुए।

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बिना वाहन के किया रास्ता तय

लॉकडाउन का समय वैसे तो कुछ लोगों के लिए बहुत ही खराब रहा, लेकिन बहुत लोगों के लिए ये समय भयावह रहा। इस दौरान बहुत लोगों का रोज़गार छूटा, तो कुछ लोगों के कमाने का साधन खत्म हो गया, जिस वजह से लोग अपने – अपने होम टाउन वापस जाने लगे। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी परेशानी थी कि घर वापस जाएं कैसे, न कोई ट्रेन है, न बस और न ही फ्लाइट, लेकिन कहते हैं न कि जब हौंसले मज़बूत हों तो रास्ते अपने आप ही मिल जाते हैं, ऐसा ही कुछ हुआ इन लोगों के साथ। जब ये अपने पूरे परिवार के साथ घर जाने के लिए निकले, तब न ही इनके पास पैसे थे, और न ही खाने का सामान, लेकिन इन सब चीज़ों को दरकिनार करते हुए ये लोग रास्तों पर निकल गए। कई लोग इस दौरान पैदल चलकर अपने होम टाउन पहुंचे, तो कुछ लोग साइकिल, बाइक आदि से। जिसको जैसे समझ आया वो वैसे – वैसे अपना रास्ता तय करता गया। इस सब के बीच जिसकी सबसे बुरी हालत हुई वो थे छोटे बच्चें और महिलाएं। मीलों दूर पैदल चलना बच्चों के बस की बात नहीं थी, इसलिए कुछ लोगों ने अपने सामान के बैग को रेडा बना लिया, तो कुछ लोगों ने अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर रास्ता तय कराया। इस समय हालात इतने खराब हो गए थे कि लोगों को कुछ समय नहीं आ रहा था। वहीं इसी बीच एक महिला ऐसी थी जिसने अपने बूढ़े पिता को साइकिल पर बैठाकर मीलों का रास्ता तय किया और उन्हें सही सलामत घर पहुंचाया। एक मां 1400 किलोमीटर का रास्ता अपनी स्कूटी पर तय करके अपने बेटे को घर वापस लाने पहुंची।

Corona History in India Hindi

हर किसी के लिए बहुत ही मुश्किल समय था। रास्ते में सिर्फ वहीं लोग नज़र आते थे जो कोरोना के समय में कार्य कर रहे थे, जिन्हें हम और आप कोरोना वॉरियर्स कहते हैं। जो लोग पैदल ही अपने घर को निकल गए थे उनके हौंसले को पूरा देश सलाम कर रहा था। कई महीनों तक टीवी चैनलों पर पूरे दिन बस एक ही खबर नज़र आती थी कोरोना के बढ़ते मामले और मज़दूरों का पलायन। इसके अलावा कई महीनों तक कोई और खबर सुर्खियों में नहीं रही। इस दौरान जिसे जैसे मौका मिला उसने वैसे ही मद्द का हाथ आगे बढ़ाया। इन लोगों का पलायन सिर्फ यहीं तक नहीं थमा, बल्कि इस पलायन की वजह से कई लोगों की जान जाने की खबरें भी आईं। भूखे प्यासे लोग अपनी मंज़िल को पाने के लिए चलते गए। ये मंज़र हर किसी के लिए बहुत ही भयानक था। कोरोना की दहशत लोगों को दिलों – दिमाग पर घर करती जा रही थी। लोग इस महामारी से डरने लगे थे। लॉकडाउन के समय न जाने कितने कोरोना वॉरियर्स ने भी जान गंवाई थी। कोरोना मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि अस्पताल में बेड तक मिल पा रहे थे। राज्य सरकारों ने कोरोना मरीजों के लिए बहुत से अस्पतालों को कोविड- 19 अस्पताल घोषित कर दिया, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का वहां इलाज हो सके।

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Corona History in India Hindi

इस महामारी का कोई भी इलाज या दवाई न होने के कारण ये बीमारी लोगों के दिल- दिमाग को जकड़ती चली गई। लोग किसी भी इंसान और चीज़ को हाथ लगाने से डरने लगे थे। इस समय सैनिटाइजर का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया क्योंकि सैनिटाइजर से हाथों को साफ करना बचाव का एक मात्र उपाय दिख रहा था। लोग बहुत ही मजबूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे थे। जो कर सकते थे वो घरों से ही अपना काम, व्यापार और नौकरी कर रहे थे।

जून – जुलाई 2020 से लोगों का धीरे- धीरे घरों से निकलना शुरु हुआ। इसके कुछ महीनों बाद 16 जनवरी 2021 को भारत में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च हुई। वैक्सीन आने के बाद लोगों के दिलों से कोरोना का डर कम होने लगा।

Corona History in India Hindi

कोरोना महामारी के एक साल होने के बाद और वैक्सीन आने के बाद भी कोरोना महामारी का फैलाव अभी तक ( 23 मार्च 2021) रुका नहीं है।आज भी बहुत से शहरों में लॉकडाउन लगाया जा रहा है। लोग धीरे- धीरे अपनी ज़िंदगी के बिखरे तिनकों को समेटने की कोशिश कर रहे हैं।

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