अमित शाह जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से परिसीमन पर विचार कर रहे हैं

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delimitation in jammu kashmirजम्मू-कश्मीर को लेकर अमित शाह ने एक बैठक की। इस बैठक में गृह सचिव राजीव गौबा, कश्मीर के एडिशनल सचिव ज्ञानेश कुमार समेत कई अफसर मौजूद रहे। बैठक में जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से परिसीमन और इसके लिए आयोग गठन पर विचार किया गया।

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अमित शाह की परिसीमन को लेकर बैठक

  • बीजेपी चीफ अमित शाह जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग के गठन पर विचार कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर में आखिरी बार 1995 में परिसीमन किया गया था। उस समय गवर्नर जगमोहन के आदेश पर जम्मू-कश्मीर में 87 सीटों का गठन किया गया था। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 111 सीटें हैं, लेकिन 24 सीटों को रिक्त रखा गया है।
  • राज्य के संविधान के सेक्शन 48 के मुताबिक इन 24 सीटों को पाक अधिकृत कश्मीर के लिए खाली छोड़ गया है और बाकी बची 87 सीटों पर ही चुनाव होता है।
  • संविधान के मुताबिक हर 10 साल के बाद निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाना चाहिए। इस तरह से जम्मू-कश्मीर में सीटों का परिसीमन 2005 में किया जाना थालेकिन फारुक अब्दुल्ला सरकार ने 2002 में इस पर 2026 तक के लिए रोक लगा दी थी। अब्दुल्ला सरकार ने जम्मू-कश्मीर जनप्रतिनिधित्व कानून, 1957 और जम्मू-कश्मीर के संविधान में बदलाव करते हुए यह फैसला लिया था।

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delimitation Section 47

ये है जम्मू-कश्मीर विधानसभा का ब्यौरा

  • 2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू संभाग की जनसंख्या 53,78,538 है। ये प्रांत की कुल आबादी  की 42.89 फीसदी है। जम्मू संभाग से विधानसभा की कुल 37 सीटें चुनी जाती हैं। प्रांत का 25.93 फीसदी क्षेत्रफल जम्मू में आता है। वहीं कश्मीर की जनसंख्या 68,88,475 है। यहां कुल 46 विधानसभा सीटें हैं। इसके साथ ही लद्दाख में 4 विधानसभा सीटें हैं।

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केंद्र सरकार क्यों दे रही है परिसीमन पर ज़ोर?

  • खबरों की मानें तो केंद्र सरकार यहां इसलिए परिसीमन पर जोर दे रही है ताकि सामाजिक असमानता को हटाया जा सके व विधानसभा के लिए सीटों के आरक्षण की नई व्यवस्था लागू की जा सके।

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