देवशयनी एकादशी 2018 के शुभ मुहूर्त पर ऐसे करें पूजा

Devshayani Ekadashi 2018 – देवशयनी एकादशी 2018 – देवशयनी एकादशी आज है। पुराणों में बताया गया है कि देवशयनी एकादशी से लेकर अगले चार महीने के लिए भगवान विष्‍णु क्षीर सागर में चिर निद्रा में चले जाते हैं। हिंदू धर्म में देव सो जाने की वजह से कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन, गृह-प्रवेश,यज्ञ आदि कार्य नही किए जाते हैं, इसलिए अब हिंदू धर्म के सारे शुभ कार्य चार महीने के बाद ही किए जाएंगे|आज से सोने के बाद, भगवान विष्णु कार्तिक मास में देवउठनी एकादशी के बाद नींद से जागते हैं और तभी से फिर से सभी शुभ कार्यों का आरंभ होता है।

devshayani ekadashi 2018

आखिर क्‍यों 4 महीने तक सोए रहते हैं भगवान विष्णु

एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने एक लंबे समय तक असुरों के साथ युद्ध किया, जिसके कारण वह बहुत थक गए| तब सभी  देवताओं के अनुरोध करने पर भगवान विष्णु चार महीने के लिए अनंत शयन में चले गए। जिस दिन भगवान सोने गए उस दिन आषाढ़ मास की एकादशी थी। उसी दिन से देवशयनी एकादशी व्रत पूजन की परंपरा शुरू हो गई।

क्या है शुभ मुहूर्त

Devshayani Ekadashi 2018 – देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त 22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट सेशुरू हो चुका है और 23 जुलाई यानी सोमवार को 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।

devshayani ekadashi

योगिनी एकादशी व्रत और इसका महत्व

कैसे करें पूजा

इस दिन पूरे भक्ति भाव के साथ भगवानविष्णु की अराधना करनी चाहिए और व्रत भी रखना चाहिए। व्रत रखने से भक्तों को उत्तम फल मिलता है औरभगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है।इसदिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें, फिर पवित्र जल से पूरे घर में छिड़काव करें। इसके बाद भगवान विष्णु को पीले वस्त्र पहनाकर श्रद्धा भाव से उनकीपूजा करें। भगवान विष्णु का कमल के फूल से पूजन करना काफी शुभ मानागया है। अंत में व्रत का संकल्प लेकर व्रत कथा सुनें।

2018 devshayani ekadashi

इन कामों को करने से बचें

बताया जाता है कि इस दिन घर में चावल नहीं पकाने चाहिए।इसलिए एकादशी के दिनचावल का सेवन करने से बचें।साथ ही हो सके तो बाल ना कटवायें और न हीनाखुन काटें| | इसके पीछे का कारण तो हम भी नहीं जानते, पर अधिकतर हिंदू रीति-रिवाज़ों की तरह इसके पीछे कोई साइंटिफिक कारण तो ज़रूर होगा| देवशयनी एकादशी के दिन  मंदिर में सूखे फूलों की माला बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए और घर को साफ सुथरा रखना चाहिए।

सावन सोमवार व्रत विधि – कैसे करें सावन सोमवार के व्रत

ऐसी ही ट्रेंडिंग खबरों को जानने के लिए हमारे न्यूजलेटर को सबस्क्राइब करें और फेसबुकट्विटर और गूगल पर हमें फ़ॉलों करें।

याद रखें इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैंजिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

Devshayani Ekadashi 2018

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. The usage of the content and images on this website is intended to promote the works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2019 Tentaran.com. All rights reserved.