उत्तराखंड के मंदिर – उत्तराखंड के कुछ मशहूर मंदिर

Famous Uttarakhand Temples – उत्तराखंड के मंदिर काफी प्रसिद्ध हैं| उत्तराखंड को देव भूमि भी कहा जाता हैक्योंकिउत्तराखंड के हर शहर में आपको किसी एक देव या देवी का मशहूरमंदिर मिलेगा। तो जानिए उत्तराखंड में कहा कौनसे देव और देवी का होता है वास।

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उत्तराखंड के मंदिर

नीम करोली बाबा

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हनुमान जी का यह मंदिर उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने आए लोगों कीबिगड़ी हुई तकदीर बन जाती है। सभीरूके हुए काम भी पूरे हो जाते हैं और हर मनोकामनापूरी होती है। नीम करोली बाबा के दर्शन करने पीएम मोदी भी आ चुके हैं। उनके अलावा कई बड़ी-बड़ी हस्तियाँ भी बाबा के दर्शन करने आई हैं, जैसे कि फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग, एप्पल कंपनी के मालिक स्टीव जॉब्स और हॉलीवुड इंडस्ट्री से एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स शामिल हैं।

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केदारनाथ मंदिर

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सभी चार धामों में से सबसे ऊचाँई पर है केदारनाथ मंदिर। भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक लिंग केदारनाथ में स्थापित है।यह हिंदुओं के चार धामों में से एक है| केदारनाथ मंदिर चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है।केदारनाथ का यह मंदिर पत्थरों के विशाल शिलाखंडों को जोड़कर बनाया गया है।

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बद्रीनाथ मंदिर

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भगवान विष्णु के बद्रीनाथ रूप की पूजा की जाती है। यह हिंदुओं के चार धामों में से एक है| बद्रीनाथ मंदिर में तीन भाग है गर्भगृह, दर्शनमण्डप और सभामण्डप। ऐसी मान्यता है कि एक बार बद्रीनाथ जाने से आपको मुक्ति मिल जाती है।

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गोलू देवता

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गोलू देवता उत्तराखंड के अल्मोड़ा शहर में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि आपकी जो भी इच्छा है उसे एक पेपर पर लिखकर घंटी के साथ मंदिर में बाँधदें तोआपकी सारीइच्छायेंज़रूर पूरी होंगीं|

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जागेश्र्वर मंदिर

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अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, तो आप जागेश्र्वर मंदिर आकर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा कर सकते हैं। भगवान शिव के महामृत्युंजय रूप की पूजा भारत में केवल जागेश्र्वर मंदिर में ही की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव जागेश्र्वर में ध्यान करने आए थे, लेकिन भगवान शिव उनकी नगरी आएं हैं यह सुनकर सभी स्त्रियाँ उनके दर्शन करने के लिए बेताब हो गईं। यह सब देखकर उनके पति गुस्सा हो गए। स्थिती को नियंत्रित करने के लिए भगवान शिव ने बाल रूप धारण कर लिया। जिसके बाद से उनकी पूजा बाल जागेश्र्वर के तौर पर होने लगी।

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मुक्तेश्वर मंदिर

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मुक्तेश्र्वर मंदिर में आपको भगवान विष्णु, भगवान ब्रह्मा, भगवान शिव, माता पार्वति और भगवान हनुमान की मूर्तियों के दर्शन होंगे । ऐसी मान्यता है जिन महिलाओं को संतना सुख प्राप्त नहीं हो रहा है, उन्हें एक बार मुक्तेश्र्वर मंदिर जाकर ‘चौली की जाली’ से  बाहर निकलना चाहिए ; उन्हें संतना सुख ज़रूर प्राप्त होगा। मुक्तेश्र्वर धाम को मुक्ति के ईश्वर भी कहा जाता है।

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नैना देवी

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नैना देवी मंदिर नैनीताल में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि महाराज दक्ष के द्वारा यज्ञ में भगवान शिव को अंमत्रित ना करने की वजह से माँ सती काफी गुस्सा हो गईं यज्ञ की आग में कूद गईं। भगवान शिव माता सती का शव अपने कंधे पर लेकर पूरे विश्व का चकर लगाने लगे। नैनीताल में माता सती के नैन गिरे इसलिए यहाँ पर नैना देवी का शक्तिपीठ का निर्माण किया गया। उन्हीं के नाम से नैनीताल में एक नैना झील भी है।

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The above article details about the famous Uttarakhand temples in Hindi, which are a must visit.

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