गौरी तृतीया तिथि के व्रत से मिलेगा संतान और पति का सुख, जानें कथा और मुहूर्त

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Gauri tritiya vrat puja vidhi in hindi – माघ मास शुक्ल पक्ष की तृतीया को गौरी तृतीया व्रत मनाया जाता है। इस बार तृतीया तिथि 27 जनवरी 2020 (आज) है। इस दिन माता गौरी की पूजा की जाती है। इस तिथि को तीज की तरह मनाया जाता है, जिससे सुहाग और संतान की रक्षा होती है। इस दिन व्रत करने से महिलाएं संतान और पति सुख प्राप्त करती हैं। कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है। जानें कथा और मुहूर्त के बारे में।

gauri tritiya vrat puja vidhi

गौरी तृतीया व्रत 2020 – Gauri tritiya vrat puja vidhi in hindi

  • तृतीया तिथि को सार्वत्रिक रूप से गौरी की पूजा की जाती है। फिर चाहे किसी भी मास की तृतीया तिथि हो। भविष्यपुराण के अनुसार माघ मास की शुक्ल तृतीया अन्य मासों की तृतीया से अधिक उत्तम है।
  • माघ मास की तृतीया स्त्रियों को विशेष फल देती है| माघ मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को सौभाग्य वृद्धिदायक गौरी तृतीया व्रत किया जाता है।
  • भविष्यपुराण के अनुसार ये व्रत करने से नारी को सौभाग्य, धन, सुख, पुत्र, रूप, लक्ष्मी, दीर्घायु तथा आरोग्य प्राप्त होता है और स्वर्ग की भी प्राप्ति होती है।

Gauri tritiya vrat puja vidhi in hindi

सौभाग्यं लभते येन धनं पुत्रान्पशून्सुखम्। नारी स्वर्गं शुभं रूपमारोग्यं श्रियमुत्तमाम् ।।

  • माघ मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को व्रत रखा जाता है और भक्त इस दिन शिव एवं देवी पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करते हैं।

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गौरी तृतीया कथा | Gauri Tritiya Katha in hindi

  • गौरी तृतीया व्रत का पुराणों में उल्लेख प्राप्त होता है जिसके द्वारा यह स्पष्ट है कि दक्ष को पुत्री रुप में सती की प्राप्ति होती है। सती माता ने भगवान शिव को पाने के लिए जो तप और जप किया उसका फल उन्हें प्राप्त हुआ।
  • शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को भगवान शंकर के साथ देवी सती विवाह हुआ था इसलिए माघ शुक्ल तृतीया के दिन उत्तम सौभाग्य की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत किया जाता है। यह व्रत सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला है।

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पूजा विधि | Gauri Tritiya Puja vidhi in hindi

  • इस दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करें।
  • गंगा जल या साफ जल से देवी सती और भगवान शिव की प्रतिमा को स्नान कराएं।
  • उनपर धूप, दीप, नैवेद्य और फल अर्पित कर करें।
  • मां गौरी की प्रतिमा को जल, दूध, दही से स्नान कराएं और वस्त्र आदि पहनाकर रोली, चन्दन, सिन्दुर, मेहंदी लगाएं।
  • अब पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
  • मां की आरती करें और प्रसाद बांटे।

गौरी तृतीया व्रत शुभ मुहूर्त – shubh muhurat in hindi

  • 27 जनवरी 2020- प्रातः 06:16 से 28 जनवरी सुबह 08:21 तक।

पद्मपुराण के अनुसार-

  • पद्मपुराण के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया मन्वंतर तिथि है। उस दिन जो कुछ दान दिया जाता है उसका फल अक्षय बताया गया है।

धर्मसिंधु के अनुसार- Gauri tritiya vrat puja vidhi in hindi

  • धर्मसिंधु के अनुसार माघ मास में ईंधन, कंबल, वस्त्र, जूता, तेल, रूई से भरी रजाई, सुवर्ण, अन्न आदि के दान का बड़ा भारी फल मिलता है।

तिल का दान

  • माघ में तिल का दान ज़रूर करना चाहिए। विशेषतः तिलों से भरकर ताम्बे का पात्र दान देना चाहिए।

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