Guru Purnima 2020- जानें गुरु पूर्णिमा का महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

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Guru Purnima 2020 – आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रुप में पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है | हिंदू धर्म में इस दिन का बहुत महत्व है| हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर महीने पूर्णिमा आती है, लेकिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इनमें अपना विशेष महत्व रखती है| इस बार 5 जुलाई 2020 को गुरु पूर्णिमा है। तो चलिए आपको बताते हैं गुरु पूर्णिमा का महत्व और शुभ मुहूर्त।

Guru Purnima 2019

 गुरु का अर्थ- Guru Purnima 2020

  • ‘गुरु’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘गू’ और ‘रू’ से मिलकर बना है, ‘गू’ का अर्थ होता है अंधेरा या अज्ञानता और ‘रू’ का तात्पर्य है ‘निवारण’ यानी गुरु का अर्थ हुआ एक ऐसा व्यक्ति जो अज्ञानता रूपी अंधकार को जीवन से मिटा दे|
  • गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरु की पूजा करते हैं और उनका आर्शीवाद लेते हैं| भारत में इस पर्व का खास महत्व है|
  • भारत के अलावा पड़ोसी देश नेपाल में भी इसे बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है| नेपाल में गुरु पूर्णिमा के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है और इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है|

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क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा – Guru Purnima 2020

  • गुरु पूर्णिमा के दिन ऋषि पराशर और सत्यवती के घर महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास का जन्म हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं| वह संस्कृत के प्रकांड विद्वान तो थे ही, साथ ही उन्होंने चारों वेदों की भी रचना की थी, जिसके चलते उनका नाम वेद व्यास भी पड़ा|
  • उन्हें आदिगुरु के नाम से भी जाना जाता है और  उनके सम्मान में ही गुरु पूर्णिमा को मनाया जाता है|
  • गुरु पूर्णिमा को बौद्धों द्वारा गौतम बुद्ध के सम्मान में भी मनाया जाता है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों का मानना है कि, गुरु पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध ने भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के सारनाथ नामक स्थान पर अपना प्रथम उपदेश दिया था।

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गुरु पूर्णिमा का महत्व

  • गुरु पूर्णिमा के दिन पर अपने गुरुओं और बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु का पूजन करने की परंपरा है।
  • गुरु का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना माता-पिता का। माता-पिता के कारण इस संसार में हमारा अस्तित्व होता है, लेकिन जन्म के बाद एक गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान और अनुशासन का ऐसा महत्व सिखाता है, जिससे व्यक्ति अपने सत्कर्मों और सद्विचारों से जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी अमर हो जाता है।
  • सद्गुरु ने ही भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बना दिया, इसलिए गुरु पूर्णिमा को अनुशासन पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। इस प्रकार व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास गुरु ही करता है, जिससे जीवन की कठिन राह आसान हो जाती है।
  • सार यह है कि गुरु शिष्य के बुरे गुणों को नष्ट कर उसके चरित्र, व्यवहार और जीवन को ऐसे सद्गुणों से भर देता है, जिससे शिष्य का जीवन संसार के लिए एक आदर्श बन जाता है। ऐसे गुरु को ही साक्षात ईश्वर कहा गया है इसलिए जीवन में गुरु का होना ज़रूरी है।

इन श्लोक और मंत्र से करें गुरु पूजन- Guru Purnima 2020

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः |
गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ||
ध्यानमूलं गुरुर्मूर्ति पूजामूलं गुरोः पदम् |
मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा ||
अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् |
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ||
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव |
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव ||
ब्रह्मानंदं परम सुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं |
द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्षयम् ||
एकं नित्यं विमलं अचलं सर्वधीसाक्षीभूतम् |
भावातीतं त्रिगुणरहितं सदगुरुं तं नमामि ||

मानस पूजा इस प्रकार कर सकते हैं –

  • मन ही मन भावना करो कि हम गुरुदेव के श्री चरण धो रहे हैं, सर्वतीर्थों के जल से उनके पादारविन्द को स्नान करा रहे हैं |
  • अब उनका शुद्ध चन्दन से तिलक करें
  • अक्षत चढ़ाएं, गुलाब के सुन्दर फूलों की माला अर्पित करें।
  • पाँच कर्मेन्द्रियों की, पाँच ज्ञानेन्द्रियों की एवं ग्यारहवें मन की चेष्टाएँ गुरुदेव के श्री चरणों में अर्पित करें।
  • कायेन वाचा मनसेन्द्रियैवा बुध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात् | करोमि यद् यद् सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयामि ||

इसका अर्थ है कि शरीर से, वाणी से, मन, इन्द्रियों, बुद्धि अथवा प्रकृति के स्वभाव से जो करते  हैं वह सब समर्पित करते हैं | हमारे जो कुछ कर्म हैं, हे गुरुदेव, वे सब आपके श्री चरणों में समर्पित हैं। हमारा कर्त्तापन का भाव, हमारा भोक्तापन का भाव आपके श्रीचरणों में समर्पित है |

पूजा का  शुभ मुहूर्त- Guru Purnima 2020

  • गुरु पूर्णिमा तिथि प्रारंभ – 4 जुलाई 2020, सुबह 11:33 बजे से
  • गुरु पूर्णिमा तिथि समाप्त – 5 जुलाई 2020, सुबह 10:13 बजे तक

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3 thoughts on “Guru Purnima 2020- जानें गुरु पूर्णिमा का महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

  • April 6, 2020 at 7:43 pm
    Permalink

    Now a days to find these kind of information is very difficult, But we have to save our culture for future respect to save of existence.

    Thank you for your valuable information!

    Reply
  • March 31, 2020 at 5:29 pm
    Permalink

    we were looking for the best date to do puja in our home, but i couldn’t understand which dates are best for this. but when i found this article than i found the complete solution of my problems. Thanks…!

    Reply
  • July 16, 2019 at 4:18 am
    Permalink

    Thanks for sharing such a wonderful information on our culture i found this post really helpful and interesting.

    Reply

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