Kamada ekadashi puja vidhi muhurat in Hindi – पापों से मुक्ति पाने के लिए ज़रूर करें कामदा एकादशी का व्रत

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Kamada Ekadashi Puja Vidhi Muhurat in Hindi – हिन्दू शास्त्रों के अनुसार एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के रूप में जाना जाता है। चैत्र नवरात्रि और राम नवमी के बाद यह पहली एकादशी है। पूरे साल कुल 24 एकादशी पड़ती हैं जिसमें से एक कामदा एकादशी है| इस साल यह व्रत 23 अप्रैल को पड़ेगी| तो चलिए आपको कामदा एकादशी की पूजा विधि, कथा और मुहूर्त के बारे में बताते हैं

kamada ekadashi puja vidhi muhurat in hindi

Kamada ekadashi puja vidhi muhurat in Hindi । कामदा एकादशी पूजा विधि

महत्व । mahatva

  • इस व्रत का बहुत महत्व है। यह व्रत करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। भगवान विष्णु के भक्तों को यह व्रत ज़रूर करना चाहिए। इसे करने से मनुष्य भगवान विष्णु के धाम बैकुंठ को प्राप्त करता है।

मुहूर्त | muhurat

  • कामदा एकादशी शुक्रवार, अप्रैल 23, 2021
  • पारण (व्रत तोड़ने का) समय – 05:47 से 08:24, 24 अप्रैल
  • एकादशी तिथि प्रारम्भ – 22 अप्रैल 2021, 23:35 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त – 23 अप्रैल 2021, 21:47 बजे

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Kamada Ekadashi Puja Vidhi Muhurat in Hindi

कामदा एकादशी कथा | Kamada ekadshi katha

प्राचीन समय में भागीपुर नामक एक नगर था, जिस पर पुण्डरीक नाम का एक राजा राज्य करता था। राजा पुण्डरीक सभी प्रकार के यश, वैभव और धन से परिपूर्ण था| उसी नगर में ललित और ललिता नाम के गायन विद्या में पारन्गत गन्धर्व स्त्री-पुरुष भी रहते थे| उन दोनों में इतना प्रेम था कि वे अलग हो जाने की कल्पना मात्र से परेशान हो जाते थे| एक बार राजा पुण्डरीक गन्धर्वों सहित सभा में विराजमान थे। वहाँ गन्धर्वों के साथ ललित भी गायन कर रहा था| उस समय ललिता वहाँ नहीं थी| तब ललित के मन में उसकी पत्नी का ख्याल आ गया जिसके कारण वह गलत और अशुद्ध गायन करने लगा| नागराज कर्कोटक ने राजा पुण्डरीक से उसकी शिकायत की। इस पर राजा को गुस्सा आया और क्रोधवश ललित को श्राप दे दिया| राजा ने कहा गायन के समय तुमने अपनी पत्नी को याद किया इसलिए तुम अब नरभक्षी दैत्य बनकर अपने कर्मों का फल भोगोगे| ललित गन्धर्व उसी समय दैत्य के रूप में बदल गया,जिसके कारण वह अनेक दुख भोगने लगा| उसकी हालत देखकर उसकी पत्नी विलाप करने लगी और उसकी मुक्ति का उपाय सोचने लगी| एक दिन ललिता अपने पति के पीछे-पीछे चलते हुए विन्ध्याचल पर्वत पर पहुँच गई। उस स्थान पर उसने श्रृंगी मुनि का आश्रम देखा और अपनी परेशानी श्रृंगी मुनि को सुनाई और अपने पति का राक्षस योनि से मुक्ति का उपाय पूछा। सारी बात सुनकर मुनि श्रृंगी ने उसे कामदा एकादशी के व्रत के बारे में बताया| कहा पूरे विधि विधान से इस व्रत को कर के अगर इसका पुण्य अपने पति को दोगी तो वह राक्षस योनि से मुक्त हो जायेगा| व्रत के फलस्वरूप उसे अपना पति पुरानी अवस्था में प्राप्त हुआ|

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Kamada Ekadashi Puja Vidhi Muhurat in Hindi

कामदा एकादशी व्रत विधि (Kamada Ekadashi Vrat Vidhi in Hindi)

  • कामदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद भगवान विष्णु का फल, फूल, दूध, पंचामृत, तिल आदि से पूजन करें।
  • भगवान विष्णु का पाठ करें।
  • पारण के दिन भगवाग की आरती करके ब्राह्मण को भोजन कराएं। दक्षिणा देकर ब्राह्मण को विदा करने के बाद भोजन ग्रहण कर उपवास खोले।

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