Kedarnath ke paas ghumne ki jagah: केदारनाथ के आसपास इन स्थानों पर भी जाएं घूमने, ये जगह भी हैं बेहद मशहूर

Please follow and like us:

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah – Kedarnath me ghumne ki 20 jagah – भारत के चार धामों में से एक केदारनाथ एक ऐसी जगह है जहां जाने के लिए हर किसी का मन उत्साहित रहता है। भगवान शिव की नगरी केदारनाथ के विषय में यह मान्यता है कि जो व्यक्ति बद्रीनाथ धाम गया है परन्तु केदारनाथ नहीं गया उसकी यात्रा अधूरी मानी जाती है। यहां हिमालय श्रृंखला के बीच भगवान शिव की ज्योतिर्लिंग स्थापित है जो कि 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर वर्ष लाखों संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन करने केदारनाथ जाते हैं। अगर आप भी केदारनाथ आने का प्लान बना रहे हैं तो हम आपको बता दें कि, जितना खूबसूरत केदारनाथ का मंदिर है उतनी ही खूबसूरत मंदिर के आसपास स्थापित अन्य जगहें भी हैं। तो चलिए आपको बताते हैं केदारनाथ के आस पास घूमने की फेमस 20 जगहों के बारे में।Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

सोनप्रयाग – Sonprayag

केदारनाथ के पास स्थित सोनप्रयाग एक प्रसिद्ध स्थल है, जो 1829 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। शानदार पर्व की चोटियों से ढका और प्रकृति की अनुपम छटा से घिरा हुआ यह एक ऐसा स्थान है जहाँ मंदाकिनी नदी बासुकी नदी से मिलती है। इस स्थान के विषय में यह मान्यता है कि शिव जी के भक्त इस जगह के जल के स्पर्श से बैकुंठ धाम को प्राप्त कर सकते हैं। केदारनाथ से ये जगह 20.4 किलोमीटर दूर स्थित हैं।

त्रियुगी नारायण  – Triyugi Narayan

यह एक ऐसा गांव है जहां भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इन दोनों का विवाह भगवान विष्णु के सामने हुआ था इसलिए उनके सम्मान में त्रियुगीनारायण मंदिर बनवाया गया था। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु जी ने पार्वती के भाई के रूप में इस विवाह की सभी व्यवस्थाएं यहां इस गांव में की थी, बल्कि भगवान ब्रह्मा जी ने एक पुजारी के रूप में यहां अपनी विशेष भूमिका निभाई थी। ये मंदिर सोनप्रयाग से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

वासुकी ताल – Vasuki Taal

वासुकी ताल के विषय में, हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने रक्षा बंधन के अवसर पर इस वासुकी झील में स्नान किया था जिस कारण इसका नाम वासुकी ताल पड़ गया। आप वासुकी ताल से चौखम्बा चोटियों के राजसी दृश्य का भी आनंद ले सकते हैं। यहां का खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को यहां आने के लिए मजबूर करता है।  वासुकी ताल के आसपास के इलाके ट्रैकिंग के लिए बेस्ट हैं। केदारनाथ से 8 किलोमीटर की दूरी पर है वासुकी ताल झील।

भैरव नाथ मंदिर – Baba bhairav nath

केदारनाथ मंदिर से 500 मीटर की दूरी पर स्थित, भैरवनाथ मंदिर हिंदू धर्म के भगवान भैरव जी का प्रतिष्ठित मंदिर है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, इस जगह से आप आसपास के हिमालय और नीचे की पूरी केदारनाथ घाटी के शानदार दृश्य देख सकते हैं। भगवान भैरव को भगवान शिव का मुख्य गण माना जाता है और यही वजह है कि ये मंदिर सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। ये मंदिर केदारनाथ से 0.8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रुद्र गुफा – Rudra Gufa

केदारनाथ मंदिर से एक किमी की दूरी पर स्थित एक अंडरग्राउंड पत्थर की मेडिटेशन गुफा है। इसमें एक सिंगल बेड, एक बाथरूम गीजर की सुविधा मौजूद है, पानी, हीटर, सीलिंग बेल, आदि कई सुविधाएँ मौजूद हैं। आपको बता दें, साल 2019 के आम चुनाव से पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी यहां ध्यान करने के लिए आए थे जिसके बाद से यह जगह सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हो गई । गुफा का रखरखाव गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) द्वारा किया जाता है और साथ ही इसके अंदर एक व्यक्ति के रहने के लिए आवास भी मौजूद है।

 Must Read: उत्तराखंड की हसीन वादियों का मज़ा लेना है, तो जाइये इन जगहों पर

गौरीकुंड – Gauri Kund 

मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित गौरीकुंड को आध्यात्मिकता और मोक्ष का प्रवेश द्वार माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, गौरीकुंड मंदिर की गौरी झील महत्वपूर्ण स्थल है जिनके लिए यह स्थान प्रसिद्ध है। यहां का हरियाला नज़ारा सबको मनमोहित कर देता है।  गौरीकुंड सोनप्रयाग से 6 किलोमीटर दूर है।

Best Places to Visit in around Kedarnath Dham Temple

गांधी सरोवर – Gandhi Sarovar kedarnath

कीर्ति स्तम्भ की तलहटी और केदारनाथ चोटी में स्थित गांधी सरोवर एक छोटी सी झील है जो कि केदारनाथ में सुंदर मानी जाती है। इसे चोराबारी ताल के नाम से भी जाना जाता है। महात्मा गांधी की कुछ अस्थियों को यहां भी विसर्जित किया गया था जिसके कारण इसका नाम बदलकर गांधी सरोवर कर दिया गया।  इस आकर्षक झील तक पहुंचने के लिए आपको 3 किमी का ट्रेक करना होगा। केदारनाथ के लोहे के पुल से ट्रेक तेजस्वी देवदार और ओक के जंगलों और मधु गंगा जलप्रपात जैसे सुरम्य झरनों से होकर जाता है। यह ट्रेक हिमालय की ऊँची चोटियों के रमणीय दृश्यों की एक श्रृंखला की यात्रा है। यह केदारनाथ में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक है।

 फाटा गांव – Fata Gaon

केदारनाथ के रास्ते में पड़ने वाला फाटा गाँव आपको अवश्य जाना चाहिए। यह केदारनाथ के आसपास घूमने के लिए सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।  यहां लोग जलपान करने और केदारनाथ में एक रात ठहरने के लिए रुकते हैं। फाटा से श्री केदारनाथ धाम तक हेलिकॉप्टर से पहुंचने में मात्र 8 मिनट का समय लगेगा। यह पर्यटकों के लिए एक रमणीय स्थल है। यहां की सादगी और शांतिपूर्ण माहौल आपका दिल जीत लेगा।

Must Read: क्या आप जानते हैं कि केदारनाथ मंदिर किसने बनवाया

Best Places to Visit in around Kedarnath Dham Temple

अगस्त्य मुनि – Agastya muni

रुद्रप्रयाग जिले में स्थित, अगस्तमुनि एक छोटा सा शहर है जो एक महान ऋषि अगस्ता के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। अगस्तमुनि गांव का नाम ऋषि अगस्त मुनि के नाम पर पड़ा जिस स्थान पर मंदिर स्थित है वह स्थान ऋषि अगस्ता का पूजा स्थल हुआ करता था। इसे अगस्तेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बैसाखी मेले में यह मंदिर भव्य रूप से नज़र आता है। यह पवित्र मंदिर केदारनाथ मंदिर से 95 किमी दूर स्थित है।

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

गुप्तकाशी – Guptkashi

समुद्र तल से 1319 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, गुप्तकाशी दिव्य और सुरम्य हिमालय की चोटियों के साथ वातावरण का अद्भुत नजारा दिखाता है। यहां पवित्र विश्वनाथ मंदिर और अर्धनारीश्वर मंदिर हैं जो हिंदू भक्तों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय पवित्र पर्यटन स्थलों में से एक हैं। यहां का प्रमुख आकर्षण का केंद्र भगवान विश्वनाथ मंदिर है। जो भगवान शिव को समर्पित है। यह एक ऐसा स्थान है जहाँ मणिकर्णिका कुंड में दो पवित्र नदियाँ गंगा और यमुना मिलती हैं।  भगवान केदारनाथ के पवित्र तीर्थ से यह स्थल 47 किमी दूर स्थित है।

ऊखीमठ – Ukhimath

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से 1317 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस स्थान पर  भगवान केदारनाथ और भगवान मदमहेश्वर का एक सुंदर घर है। केदारनाथ का मंदिर सर्दियों में बंद रहता है क्योंकि पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका रहता है जिसके चलते यहां पूजा ऊखीमठ के पवित्र ओंकारेश्वर मंदिर में होती है। केदारनाथ के पुजारी का ऊखीमठ में मुख्य रूप से निवास है। उषा, देवी पार्वती, भगवान शिव और मांधाता आदि को समर्पित कई मंदिर इस स्थान को रमणीय और अलौकिक बनाते हैं। यहां आकर आपको शांति तथा समृद्धि की प्राप्ति होगी।

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

चंद्रशिला – Chandrashila

उत्तराखंड के सबसे आकर्षक दिव्य स्थलों में से एक चंद्रशिला 4000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह दिव्य केदारनाथ धाम से 90 किमी दूर है। यह चंद्रशिला पर्वत का शिखर है जिस पर सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक तुंगनाथ मंदिर है। यह पवित्र पंच केदारों में से एक है। यह शांति का स्वर्ग है। हरे-भरे घास के मैदान, हरे-भरे देवदार के पेड़ और शानदार तुंगनाथ तीर्थ इस जगह को पूरी तरह से अलौकिक बनाते हैं। आपको केदारनाथ आने पर इस स्थल की यात्रा तो ज़रूर करनी चाहिए।

 मदमहेश्वरी – Madmaheshwar Temple

बर्फ से ढके हिमालय के पहाड़ों पर मदमहेश्वर मंदिर की सुंदरता अलौकिक है। मदमहेश्वर के इस छोटे से पवित्र शहर का नाम भगवान शिव के नाम पर रखा गया है और उन्हें समर्पित मदमहेश्वर का मंदिर आकर्षण का केंद्र है। यह उत्तराखंड में सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है। यह पवित्र पंच केदारों का चौथा मंदिर है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान शिव की पूजा करने के लिए पांच पांडवों में से एक भीम ने करवाया था। इस मंदिर में की जाने वाली संध्या आरती का नज़ारा देखते ही आपका पूरा दिन बन जाता है। यह पवित्र स्थल केदारनाथ धाम से 95 किमी दूर स्थित है।

 Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

कल्पेश्वर – Kalpeshwar Temple

पंच केदार तीर्थ में अंतिम और पाँचवाँ मंदिर कल्पेश्वर का मंदिर है। यह केदारनाथ के पास स्थित सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है। यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जो साल भर खुला रहता है। इस मंदिर में भगवान शिव की जटा की पूजा की जाती है। यह हरे भरे जंगलों और हरे-भरे खेतों से घिरा हुआ है। इसमें मनोकामना पूर्ति का वृक्ष, कल्पवृक्ष भी मौजूद है।  हेलंग गांव से कल्पेश्वर के रास्ते में आप पंचचुली, बंदरपूंछ, नंदा देवी और केदारनाथ, आनंदमय कल्पगंगा नदी, सेब के बाग और आलू के खूबसूरत खेतों जैसे बर्फ से ढके पहाड़ों के आश्चर्यजनक दृश्य देखेंगे। बेशक यदि आप केदारनाथ जा रहे हैं तो यहां की यात्रा करना ना भूलें।

 Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

स्यालसौर – syalsaur

स्यालसौर मंदाकिनी नदी के आनंदमय तट पर स्थित है। चारों ओर हरे-भरे हरियाली के भव्य दृश्य, पृष्ठभूमि में राजसी बर्फ से ढके पहाड़, चौखंबा चोटी का सूर्योदय, नदी का तेज़ बहाव और प्रवासी पक्षियों की सुखदायक चहक इस जगह को बेहद रमणीय बनाती है।  प्रकृति की गोद में शांतिपूर्ण दिन बिताने के लिए यह सबसे अच्छी जगहों में से एक है।

 Must Read: तो इस कारण केदारनाथ को कहते हैं ‘जागृत महादेव’, कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप !

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah

रुद्रनाथ मन्दिर – Rudranath Temple

गढ़वाल पहाड़ों के बीच स्थित सबसे लोकप्रिय धार्मिक पर्यटन स्थल  रुद्रनाथ मंदिर है। यह दिव्य केदारनाथ मंदिर से 165 किलोमीटर दूर स्थित है। सुंदर अल्पाइन घास के मैदानों से घिरा, इस भव्य मंदिर का शांतिपूर्ण वातावरण निश्चित रूप से आपकी आत्मा को प्रसन्न करेगा। यह भगवान शिव को समर्पित है और लोग भगवान रुद्र के रूप में उनकी पूजा करते हैं। यहां  आप नंदा देवी, नंदा घुंटी और त्रिशूल जैसी आकर्षक हिमालय चोटियों को देखेंगे। यहां आकर ‘वाटर ऑफ साल्वेशन’ वैतरणी नदी की यात्रा करना न भूलें और प्रकृति के आनंदमय हो जाएं।

 Kedarnath me ghumne ki 20 jagah 

देवरिया ताल – Devriya Taal

केदारनाथ धाम से 73 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस प्राचीन उच्च ऊंचाई वाली हिमनद झील की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। आप इस जगह के साफ पानी में आसपास की शानदार बर्फीली चोटियों को एक प्रतिबिंब में देख पाएंगे। इसके चारों ओर बुग्याल धीरे-धीरे लुढ़कता दिखाई दे रहा है और इसकी सुंदरता को बढ़ावा देता है। इस जगह ने काफी पर्यटकों और साहसिक प्रेमियों को आकर्षित किया है। आप भी इसका अद्भुत नज़ारा अपनी आंखों से अवश्य देखने जाएं।

 Kedarnath me ghumne ki 20 jagah 

चोपता  – Chopta Hill Station

समुद्र तल से 2500 मीटर ऊंचाई एवं गोपेश्वर से लगभग 40 किलोमीटर दूर गोपेश्वर ऊखीमठ मार्ग पर स्थित यह स्थित है। चोपता पूरे गढ़वाल क्षेत्र के सबसे मनोरम स्थानों में से एक है साथ ही यहां से हिमालय पर्वतमाला के आसपास का मनमोहक दृश्य देखने को भी मिलता है। यदि आप केदारनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो आप भगवान शिव के दर्शन करने के बाद इस स्थान का भी आनंद अवश्य लें।

Enquire Now!!

Must Read: सीधी रेखा में बने हुए हैं भगवान शिव के ये मंदिर, इनमें केदारनाथ और रामेश्वरम भी है शामिल

tentaran google news

Kedarnath ke paas ghumne ki jagah, हमारे फेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर हमें फ़ॉलो करें और हमारे वीडियो के बेस्ट कलेक्शन को देखने के लिए, YouTube पर हमें फॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. We make every effort to link back to original content whenever possible. If you own rights to any of the images, and do not wish them to appear here, please contact us and they will be promptly removed. Usage of content and images on this website is intended to promote our works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2022 Tentaran.com. All rights reserved.
× How can I help you?