ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है शिव का लिंगराज मंदिर, पढ़ें कैसे हुई इसकी उत्पत्ति

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Lingaraj mandir bhubaneswar – हर शहर अपने आप में कई कहानियां और पौराणिक कथाएं समाए रहता है| ऐसा ही एक शहर है भुवनेश्वर, जहाँ पर कई ऐसे ऐतिहासिक और नामचीन मंदिर हैं जिनके दर्शन करने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है लिंगराज मंदिर, जिसका बखान कथाओं में भी मिलता है| तो चलिए आपको लिंगराज मंदिर के इतिहास के बारे में बताते हैं|

lingaraj mandir bhubaneswar

Lingaraj Mandir Bhubaneswar – लिंगराज मंदिर के बारे में

कहां स्थित है लिंगराज मंदिर?

  • लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर में स्थित है| भगवान शिव को समर्पित है ये मंदिर। ये सबसे पुराने मंदिरों में से एक है|

मंदिर से जुड़ी कहानी? – Lingaraj mandir story in hindi

  • ऐसा कहा जाता है कि यहाँ मां पार्वती ने ‘लिट्टी’ तथा ‘वसा’ नाम के दो भयंकर राक्षसों का वध किया था, जिसके बाद उन्हें प्यास लगी| तब शिवजी ने कूप बनाकर सभी पवित्र नदियों को योगदान के लिए बुलाया|
  • यहीं पर बिन्दुसागर सरोवर है तथा उसके पास लिंगराज का विशालकाय मंदिर भी है|

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मंदिर का इतिहास – Lingaraj mandir ka itihas – Lingaraj mandir bhubaneswar

  • यह मंदिर पूरे भुवनेश्वर में नामचीन और सबसे प्राचीन है| इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में सोमवंशी राजा जाजति केशरी द्वारा किया गया था|
  • इसके बाद राजा ने अपनी राजधानी को जाजपुर से भुवनेश्वर में स्थानांतरिक किया था।
  • इस मंदिर में केवल हिंदुओं को अंदर आने की इजाज़त है|
  • यहाँ हर दिन करीबन 5000 से ज़्यादा लोग दर्शन के लिए आते हैं|
  • हर साल अप्रैल में यहाँ विशाल रथयात्रा निकाली जाती है|
  • ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर के पास बिंदुसागर सरोवर है जहाँ स्नान करने से सारे पाप मिट जाते हैं|

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मंदिर की बनावट – Lingaraj mandir bhubaneswar

  • लिंगराज का विशाल मंदिर अपनी अनुपम स्थापत्यकला के लिए भी जाना जाता है|
  • यहाँ आपको शिव के साथ-साथ विष्णु जी के चित्र भी देखने को मिलेंगे|
  • यहाँ आपको हर सिला पर कारीगरी और मूर्तिकला का अनोखा संगम देखने को मिलेगा|
  • इतना ही नहीं बल्कि कुछ पशु-पक्षियों के चित्र भी दिखाई पड़ेंगे|
  • लिंगराज मंदिर का मुख्य मंदिर 55 मीटर लंबा है और यहाँ लगभग आपको 50 अन्य छोटे-छोटे मंदिर देखने को मिल जाएंगे|
  • मंदिर के शिखर की ऊंचाई 180 फुट है|

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मंदिर में जाने से पहले ज़रूर जाने ये बात – Lingaraj mandir bhubaneswar

  • मंदिर में गैर हिंदुओं का आना मना है|
  • यहाँ पर्स, मोबाइल, बेल्ट या किसी प्रकार की चमड़े की चीज़ और प्लास्टिक का थैला या पन्नी ले जाना मना है|
  • इसके अलावा यहाँ फोटो खींचना मना है|

लिंगराज मंदिर के आस-पास कहाँ घूम सकते हैं?

  • आप यहाँ पुरी मंदिर, कोणार्क मंदिर, बिरजा मंदिर और राजरानी मंदिर घूमने जा सकते हैं|

कैसे जाएं लिंगराज मंदिर? – Lingaraj mandir bhubaneswar

  • यहाँ जाने के लिए सबसे नज़दीक एयरपोर्ट भुवनेश्वर एयरपोर्ट पड़ेगा|

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