2019 के लोक सभा चुनाव से पहले ज़रा लोक सभा को भी जान लीजिए

Janiye kya hai Lok Sabha – भारतीय संसद के निचले सदन को लोक सभा के रूप में जाना जाता है। इस सदन में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही भाग लेते हैं। तो चलिए जानते हैं क्या है लोक सभा और पहली बार इसे भारत में कब शुरु किया गया।   

Lok Sabha

आखिर क्यों ज़रूरी है लोक सभा?

कानून बनाना: संसद नए कानून बनाती है| इस प्रक्रिया में लोक सभा ही कानून बिल लाती है और उसे अप्प्रूव भी करती है|

मनी बिल: सिर्फ लोक सभा के पास ही मनी बिल संसद में प्रस्तुत करने का हक है| राज्य सभा मनी बिल पर सिर्फ अपने सुझाव दे सकता है| उन्हें अपनाना या खारिज़ करना लोक सभा का हक है.

सरकार पर नियंत्रण: सरकार और सरकारी दफ्तरों की सीधी जवाबदेही लोक सभा को होती है| लोक सभा उनके द्वारा किए गए किसी भी काम पर प्रश्न उठा सकती है|

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संवैधानिक अधिकार: लोक सभा के पास राज्य सभा के बराबर ही संवैधानिक अधिकार हैं| लोक सभा भी संविधान में बदलाव कर सकता है|

सदस्यों की संख्या

  • लोक सभा में अधिकतम 552 सदस्य ही भाग ले सकते हैं।
  • 552 में से 530 सदस्य देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं शेष बचे 20 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • सदन में सदस्यों की संख्या में थोड़ी कमी होने पर देश के राष्ट्रपति एंग्लो-इंडियन समुदाय से 2 प्रतिनिधियों को चुन सकते हैं।
  • 1952 में पहले आम चुनाव के बाद पहली बार लोक सभा आरंभ की गई थी।
  • लोक सभा सांसद पांच साल के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं।

Lok Sabha

लोक सभा सीट्स:-

राज्य सदस्य 530
केंद्र शासित प्रदेश सदस्य 20
एंग्लो इंडियन की सीट्स 2

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अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीट्स

अनुसूचित जातियों की सीट्स 84
अनुसूचित जनजातियों की सीट्स 47

 

लोक सभा के लिए योग्यता

  • भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • 25 वर्ष से कम उम्र नहीं होनी चाहिए।
  • किसी भी प्रकार का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
  • देश के किसी भी हिस्से की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना चाहिए।

Lok Sabha

लोक सभा के सत्र

बजट सत्र: बजट सत्र लोक सभा का सबसे महत्वपूर्ण सत्र माना जाता है। साल का यह पहला सत्र होता है। फरवरी से मई महीने तक यह जारी रहता है। इसमें देश का बजट प्रस्तुत किया जाता है।

मानसून सत्र: जुलाई से सितंबर माह तक मानसून सत्र चलाया जाता है। इस सत्र में लोक सभा दलों द्वारा नए प्रस्ताव लाए जाते हैं। 50 सदस्यों का समर्थन मिलने पर प्रस्ताव को पारित किया जाता है।

शीतकालीन सत्र: शीतकालीन सत्र लोक सभा का सबसे छोटा सत्र होता है, लेकिन इसमें कई अहम फैसले लिए जाते हैं। यह सिर्फ नवंबर से दिसंबर तक ही चलता है।

विशेष सत्र: लोक सभा में कई मौकों पर विशेष सत्र भी लगाए जाते हैं। ये सत्र कुछ अहम मुद्दों के लिए ही लागू होते हैं।

लोक सभा के सत्र सुबह 11 से 1 और फिर 2 से 6 बजे तक जारी रहते हैं। शनिवार और रविवार को लोक सभा बंद रहती है। जब तक लोक सभा में कम से कम 55 सदस्य मौजूद न हों, तब तक सत्र शुरू नहीं होता।

लोक सभा अध्यक्ष

  • लोक सभा के किसी एक सदस्य को वोट करके स्पीकर या अध्यक्ष बनाया जाता है।
  • स्पीकर का काम होता है हर हाल में लोक सभा की प्रतिष्ठा और गरिमा को बनाए रखना।
  • धन बिल को पारित करने के लिए लोक सभा स्पीकर की मंज़ूरी ज़रूरी होती है।

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