भगवान शिव को समर्पित है उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, जानें खास बातें

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Mahakaleshwar Jyotirlinga temple ujjain – मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में महाकालेश्वर मंदिर स्थित है जो कि भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर के बारे में बताया गया है। आइए जानें इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें। 

Mahakaleshwar Jyotirlinga temple ujjainMahakaleshwar Jyotirlinga temple ujjain

  • 1235 में इल्तुत्मिश के द्वारा इस मंदिर को ध्वस्त करने के बाद यहां जो भी शासक रहेंं उन्होंने इस मंदिर के नवीनीकरण और सौन्दर्यीकरण की ओर विशेष ध्यान दिया। 18वीं सदी के पूर्वार्द्ध में राणोजी सिंधिया के मंत्री रामचन्द्र राव शेणवी ने वर्तमान महाकाल का भव्य मंदिर पुननिर्मित करवाया। 
  • मंदिर से लगा एक छोटा सा जलस्रोत है जिसे कोटितीर्थ कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इल्तुत्मिश ने जब मंदिर को तुड़वाया था,तब शिवलिंग को इसी कोटितीर्थ में फिकवा दिया था, बाद में इसकी दोबारा से स्थापना कराई गई।

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ज्योतिर्लिंगों का इतिहास- Mahakaleshwar Jyotirlinga temple ujjain

  • महाकाव्य-शिव पुराण में यह उल्लेख है कि एक बार भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच विवाद हुआ था कि सृष्टि में कौन सर्वोच्च है। उनकी परीक्षा लेने के लिए शिव ने ज्योति का एक अंतहीन स्तंभ बनाया और श्री विष्णु तथा ब्रह्मा जी को  स्तंभ में प्रकाश का अंत खोजने के लिए कहा। 
  • भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा प्रकाश का अंत खोजने के लिए निकल पड़े लेकिन घंटों की खोज में भी असफल रहने के बाद ब्रह्मा जी ने झूठ बोला कि उन्हें अंत मिल गया है जबकि विष्णु ने अपनी हार स्वीकार कर ली।
  • ​इसके बाद शिव प्रकाश के दूसरे स्तंभ के रूप में प्रकट हुए और ब्रह्मा को उनके झूठ के लिए शाप दिया कि किसी भी समारोह में उनकी पूजा नहीं की जाएगी। इसी कारण अनंत काल से भगवान विष्णु की पूजा की जा रही है। 
  • भगवान शिव के 64 रूप और 12 ज्योतिर्लिंग हैं। बारह ज्योतिर्लिंग – गुजरात में सोमनाथ, मध्य प्रदेश में महाकालेश्वर, आंध्र प्रदेश में श्रीशैलम, मध्य प्रदेश में ओंकारेश्वर, उत्तराखंड राज्य में केदारनाथ, महाराष्ट्र में भीमाशंकर, उत्तर प्रदेश में विश्वनाथ, महाराष्ट्र में त्रयंबकेश्वर, झारखंड में वैद्यनाथ और बैजनाथ में हैं। 
  • इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, गुजरात के द्वारका में नागेश्वर, महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ग्रिशनेश्वर और तमिलनाडु में रामेश्वर हैं।

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Mahakaleshwar Jyotirlinga temple ujjain – महाकालेश्वर मंदिर के बारे मेंMahakaleshwar Jyotirlinga temple ujjain

  • महाकालेश्वर में शिव की मूर्ति को दक्षिण मूर्ति के रूप में जाना जाता है, जिसका अर्थ है कि मूर्ति दक्षिण की ओर स्थित है।
  • ऐसा सिर्फ 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर में ही है। महाकाल मंदिर के ऊपर पवित्र स्थान में ओंकारेश्वर महादेव की एक मूर्ति है। 
  • यहां पर गर्भगृह की छत को ढकने वाली खूबसूरत चांदी इस तीर्थ जगह की भव्यता को और भी ज़्यादा बढ़ाती है। मंदिर के बरामदे के उत्तरी भाग में एक कक्ष है जिसमें भगवान श्री राम और देवी अवंतिका के चित्रों की पूजा की जाती है।
  • इसके अलावा मं​दिर के पश्चिम में गणेश, उत्तर में पार्वती और पूर्व में कार्तिकेय की मूर्ति स्थित है। 
  • यह मंदिर पाँच मंजिलों में विभाजित है,​ जिसमें एक मंजिल भूमिगत है। 
  • महाकालेश्वर के इस सुंदर मंदिर के मध्य और ऊपर के हिस्सों में ओंकारेश्वर और नागचंद्रेश्वर के लिंग स्थापित हैं।

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