Mahashivratri 2019 – कब पड़ रही है महाशिवरात्रि और कैसे करें पूजा

Mahashivratri 2019 – देशभर में महाशिवरात्रि बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन भगवान शंकर का जल या दूध से अभिषेक करने की परंपरा है। महाशिवरात्रि के दिन देशभर के शिव मंदिरों में भक्‍तों की भीड़ लगी रहती है। इस दिन व्रत रख कर शिव जी की आराधना करने से पुण्‍य प्राप्‍त होता है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने आती है। मगर फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि कुछ ज़्यादा ही खास होती है। तो चलिए बताते हैं आपको महाशिवरात्री के बारे में।

Mahashivratri 2019

कब है महाशिवरात्री 2019 ?

  • शिवरात्रि का व्रत होगा 4 मार्च 2019

महाशिवरात्रि रात्रि पूजा का समय क्या है ?

  • 4 मार्च 2019
    रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय = 18:19 से 21:26 तक
    रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा का समय = 21:26 से 00:33 तक
    रात्रि तृतीय प्रहर पूजा का समय = 00:33 से 03:39 तक
    रात्रि चौथे प्रहर पूजा का समय = 03:39 से 06:46 तक

महाशिवरात्रि  2019 का शुभ मुहूर्त क्या है?

  • 5 मार्च 2019 – निशिथ काल पूजा: 00:07 से 00:57
  • 5 मार्च 2019 – पारण का समय: 06:46 से 15:26

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शिवरात्रि के दिन शिव जी पर क्या चढ़ाएं?

  • जल, भांग धतूरा, फूल, फल, बेल के पत्ते, बेल का फल, मिठाई, दूध, शहद, धूप, पान के पत्ते, चंदन आदि चढ़ाकर पूजा करें।

भगवान शिव का अभिषेक किस- किस चीज़ से किया जाता है?

  • पानी, दूध, दही, गन्ने का रस, सरसों का तेल, दूब का पानी,देसी घी से किया जाता है शिव जी का अभिषेक। शिवरात्रि की रात को अलग- अलग प्रहर में अलग- अलग चीज़ो से अभिषेक किया जाता है।

शिवलिंग की कितनी बार परिक्रमा की जाती है?

  • भक्त शिवलिंग की तीन या सात बार परिक्रमा करते हैं।

Mahashivratri 2019

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शिवरात्रि के व्रत में क्या- क्या खाया जाता है?

  • फल, जूस, मेवे की खीर, आलू, कुट्टू के आटे के पकवान, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, दूध, दही आदि का सेवन कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि का महत्व क्या है?

  • फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर शिव जी और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस पर्व को महाशिवरात्रि कहते हैं।

शिवलिंग का अभिषेक कैसे करें?

  • शिवलिंग का जल, दूध और शहद के साथ अभिषेक करें। 

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