महावीर जयंती की गाथा, जानिए इसका अद्भुत इतिहास

Mahavir jayanti – महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे प्रमुख त्यौहार है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिन को पूरे भारत में “महावीर जयंती” के नाम से मनाया जाता है। जैन धर्म की खोज करने के साथ-साथ “महावीर जी” ने जैन धर्म के प्रमुख सिद्धान्तों को भी स्थापित किया।

mahavir jayanti

ये भी पढ़े: क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि और क्या है इसके पीछे की कहानी

भगवान महावीर का जन्म और निर्वाण

भगवान महावीर का जन्म तकरीबन ढाई हजार साल पहले वैशाली के गणतंत्र राज्य क्षत्रिय कुण्डलपुर में हुआ था। वे इक्ष्वाकु वंश के क्षत्रिय राजा सिध्दार्थ और रानी त्रिशला के यहां चैत्र शुक्ल तेरस को पैदा हुए थे। इन्होंने 72 वर्ष की उम्र में निर्वाण प्राप्त किया। जैन ग्रंथों के अनुसार, उनके जन्म के बाद राज्य में उन्नति होने से उनका नाम वर्धमान रखा गया था। निर्वाण के बाद, उनके पार्थिव शरीर को क्रियाक्रम के लिए बिहार के नांलदा जिले में ले जाया गया| यहां के पावापुरी में उनका दाह संस्कार हुआ। आज के समय में इस स्थल पर विशाल जैन मंदिर है जो जलमंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।

ये भी पढ़े: जानिए मंगलवार को क्यों और कैसे की जाती है हनुमान जी की पूजा

भगवान महावीर के विवाह से जुड़ी कुछ बातें

Significance of Mahavir Jayanti

दिगम्बर परम्परा के अनुसार महावीर जी बालपन से ही ब्रह्मचारी थे। उन्हें शादी करने में कोई रूचि नहीं थी क्योंकि वे ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहते थे लेकिन उनके माता-पिता उनकी शादी करवाना चाहते थे। श्वेतांबर परम्परा के अनुसार इनका विवाह यशोदा नामक सुकन्या के साथ सम्पन्न हुआ था।

भगवान महावीर की विशेषताएं

तीस वर्ष तक महावीर जी ने त्याग, प्रेम और अहिंसा का संदेश लोगों तक पहुँचाया। बाद में, वे जैन धर्म के 24वें तीर्थकर बनेभगवान महावीर ने तीस वर्ष की आयु में संसार के मोह से दूर होकर राज-पाठ का वैभव त्याग दिया। वे संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गए। भगवान महावीर की गिनती विश्व के श्रेष्ठ महात्माओं में होती हैं। 

ये भी पढ़े: कैसे ॐ का जाप आपके जीवन में ला सकता है शांति और खुशियां

महावीर जयंती का त्योहार

Significance of Mahavir Jayanti

  • “महावीर जयंती” का त्योहार भारत के गुजरात, महाराष्ट्र, कलकत्ता, बिहार और राजस्थान में मनाया जाता है।
  • इस अवसर पर जैन मंदिरों की सजावट जाती है तथा सड़कों पर रैली भी निकालती जाती है।
  • इस विशेष पर्व के दिन मंदिरों में प्रवचन भी जारी रहता है।
  • इस त्योहार को ‘महावीर स्वामी जन कल्याणक तथा वर्धमान जयंती’ के नाम से भी जाना जाता है।

ये भी पढ़े: कैसे ॐ का जाप आपके जीवन में ला सकता है शांति और खुशियां

For more articles like mahavir jayanti, Do follow us on FacebookTwitter and Google+ for more interesting articles.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. The usage of the content and images on this website is intended to promote the works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2018 Tentaran.com. All rights reserved.