गुरु नानक देव के जीवन की यादें ताज़ा करते हैं सुल्तानपुर लोधी के ये फेमस गुरुद्वारे

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Most famous gurudwaras in sultanpur lodhi – सुल्तानपुर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। सुल्तानपुर लोधी पंजाब राज्य के कपूरथला जिले में है। सुल्तानपुर लोधी एक ऐसी ही जगह है जहाँ पर कई फेमस गुरुद्वारे हैं। इन गुरुद्वारों में जाकर आप खुद को भाग्यशाली महसूस करेंगे। यहां शीश झुकाने से मन को शांति और खुशी महसूस होती है। तो चलिए आपको बताते हैं यहां के फेमस गुरुद्वारों के बारे में।

most famous gurudwaras in sultanpur lodhi

गुरुद्वारा श्री बेर साहिब

gurdwara sri ber sahib

  • श्री बेर साहिब सुल्तानपुर का मुख्य गुरुद्वारा है। ये गुरुद्वारा काली बेईं (एक छोटी नदी) के तट पर स्थित है। बेर साहिब वही जगह है जहां पर गुरु नानक देव जी काली बेईं (बेरका पेड़) के पास सूर्योदय के बाद एक बेर के पेड़ के नीचे ध्यान लगाया करते थे।
  • गुरु जी ने इस पेड़ पर 14 साल, 9 महीने और 13 दिन तक रोज़ ध्यान किया। गुरुद्वारा बेर साहिब एक पुराने बेर के पेड़ के किनारे बनाया गया है, जिसके बारे में माना जाता है कि जिसके नीचे गुरु नानक बैठते थे।
  • गुरुद्वारे का वर्तमान भवन कपूरथला के महाराजा जगतजीत सिंह द्वारा बनवाया गया। इसकी आधारशिला 25 फरवरी 1937 को अर्जन सिंह द्वारा रखी गई थी।

गुरुद्वारा श्री हट्ट साहिब – Most famous gurudwaras in sultanpur lodhi

gurdwara sri hatt sahib

  • श्री हट्ट साहिब गुरुद्वारा भी सुल्तानपुर लोधी का फेमस गुरुद्वारा है। ये उस स्थान पर बनाया गया है जहां पर गुरूनानक जी, नवाब के लिए काम करते थे।
  • सुल्तानपुर लोधी में गुरूनानक जी नवाब दौलत खान लोधी के यहां एक लेखाकार के रूप में काम करते थे। नवाब गुरूनानक जी से बहुत प्रभावित थे।
  • गुरूनानक जी दिन में काम करते थे और रात अपने दोस्तों के साथ भगवान के भजन गाते थे।

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गुरुद्वारा श्री कोठरी साहिब

gurudwara shri kothri sahib

  • गुरु नानक नवाब दौलत खान लोधी के यहां काम किया करते थे, लेकिन वहां कुछ लोग नानक जी से ईर्ष्या करते थे।
  • उन लोगों ने नवाब से शिकायत लगाई कि गुरु नानक देव जी इन्वेंट्री स्टोर से चोरी कर रहे हैं, जिसके बाद नवाब ने नानक जी को अस्थायी रूप से जेल भेज दिया।
  • जेल के स्थान पर ही कोठरी साहिब गुरूद्वारा बना है। बाद में जब इन्वेंट्री की जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि सब कुछ ठीक है और वास्तव में लाभ प्राप्त हो रहा था।
  • अपनी गलती का अहसास होते ही नवाब ने गुरू जी को रिहा किया और उनसे माफी मांगी। इस दौरान नवाब ने उन्हें एक पदोन्नति की पेशकश की जिसे गुरु जी ने अस्वीकार कर दिया क्योंकि उन्होंने अपने जीवन को मानवता के लिए समर्पित करने का फैसला किया था।

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गुरुद्वारा श्री गुरु का बाग – Most famous gurudwaras in sultanpur lodhi

gurdwara guru ka bagh

  • गुरुद्वारा श्री गुरु का बाग एक ऐसी जगह है जहां गुरु नानक देव जी का घर था। यही पर उनके दो पुत्र बाबा श्री चन्द और बाबा लक्ष्मी चंद का जन्म हुआ।
  • उस समय वहाँ एक कुआं भी मौजूद था, जिसका पानी लंगर को बनाने में इस्तेमाल किया जाता था।

गुरुद्वारा श्री संत घाट

gurudwara sant ghat

  • गुरुद्वारा श्री संत घाट बेईं नदी के किनारे पर स्थित है और यह गुरूद्वारा उस स्थान पर बनाया गया है जहां पर गुरु जी तीन दिनों के लिए गायब हो गए थे।
  • यह गुरुद्वारा बेर साहिब के पास एक जगह थी, जहाँ गुरु जी बेईं नदी में स्नान करते हुए गायब हो गए थे और और फिर से गुरुद्वारा श्री संत घाट में प्रकट हुए और उन्होंने बेईं से बाहर निकले के बाद सम्पूर्ण संसार को एक ‘मूल मंत्र’ दिया।
  • यह वही स्थान है जहां गुरु जी ध्यान लगाया करते थे और और यही से उन्होंने दुनिया की सेवा करने के लिए सुल्तानपुर लोधी शहर को छोड़ दिया था।

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गुरुद्वारा श्री अंतरआत्मा साहिब – Most famous gurudwaras in sultanpur lodhi

gurudwara antaryatma sahib

  • सुल्तानपुर लोधी में रहते हुए नानक जी से एक मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति ने पूछा कि आप हिंदू गुरु हैं या मुस्लिम गुरू? तब नानक जी ने उत्तर दिया कि उनके लिए सभी समान हैं। ये सुनकर उस व्यक्ति ने उनसे नमाज़ में भाग लेने का अनुरोध किया।
  • जब गुरु जी नमाज़ में शामिल होने के लिए गए, वहाँ पर सभी नमाज़ पढ़ रहे थे, पर गुरु जी सीधे खड़े हो गए। नमाज़ अदा करने के बाद लोगों ने उनसे गुस्से से पूछा कि वह नमाज़ के दौरान झुके क्यों नहीं।
  • गुरु जी ने कहा कि कोई भी सही मायने में नमाज़ अदा नहीं कर रहा था, नवाब कंधार से घोड़ों को पाने की सोच रहे थे और मौलवी घर पर नए जन्म जात मादा बछड़े के बारे में सोच रहे थे और चिंतित थे कि वह कुएं में गिर सकता है। यहां हर कोई केवल शारीरिक रूप से ही मौजूद था, आत्मिक रूप से नहीं, तो मैंने भी ऐसा किया।
  • तब सभी ने गुरु जी को प्रणाम किया और कहा कि वह दिव्य शक्तियों वाले संत हैं। गुरुद्वारा उसी स्थान पर स्थित है जहां यह घटना हुई थी।

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गुरुद्वारा श्री बेबे नानकी जी – Most famous gurudwaras in sultanpur lodhi

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  • बेबे नानकी जी, गुरु जी की बड़ी बहन थीं। इस गुरुद्वारे को उनकी याद में साल 1970 में बनवाया गया था। ये उनका वास्तविक घर है, जो तीन मंजिला इमारत है।
  • ऐसा माना जाता है कि यहां बेबे नानकी अपने पति जय राम के साथ रहती थीं।

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