जानिए मदर टेरेसा की लाइफ से जुड़े कुछ फैक्ट्स

Read Mother Teresa Biography in Hindi – दुनिया में बहुत कम ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के अपनी पूरी जिंदगी गरीबों के नाम कर दी। मदर टेरेसा भी ऐसे ही कुछ चुनिंदा लोगों में शुमार हैं। मदर टेरेसा भले ही आज जीवित न हों, लेकिन उनके विचार आज भी बहुत से लोगों को राह दिखा रहे हैं। मदर टेरेसा का नाम इतिहास के सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।

 

Mother Teresa Biography

 

  • मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को मेसिडोनिया की राजधानी स्कोप्जे शहर में हुआ था। लेकिन वो अपना जन्मदिन 27 अगस्त को मनाती थी। उनका असली नाम ‘अगनेस गोंझा बोयाजिजू’  था। अलबेनियन भाषा में गोंझा का अर्थ फूल की कली होता है।

 

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  • आठ साल की उम्र में इनके पिता का निधन हो गया। जिसके बाद इनके लालन-पालन की सारी ज़िम्मेदारी इनकी माता द्राना बोयाजू के ऊपर आ गयी।

 

Mother Teresa

  • यह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं।। इन्हें पढ़ाई के साथ-साथ, गाना बेहद पसंद था। ये और इनकी बहन पास के गिरजाघर में मुख्य गायिका थीं।

 

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  • मदर टेरसा रोमन कैथोलिक नन थीं, जिनके पास भारतीय नागरिकता थी। मात्र 18 वर्ष की उम्र में लोरेटो सिस्टर्स में दीक्षा लेकर सिस्टर टेरेसा बनीं।

 

Mother Teresa Biography

  • आयरलैंड जाकर इन्होंने अंग्रेजी भाषा सीखी। अंग्रेजी सीखना इसलिए जरुरी था क्योंकि ‘लोरेटो’ की सिस्टर्स इसी माध्यम में बच्चों को भारत में पढ़ाती थीं।

  • भारत आकर ईसाई ननों की तरह अध्यापन से जुड़ गईं। 1948 में बच्चों को पढ़ाने के लिए एक स्कूल खोला और ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की। 1996 तक उनकी इस संस्था ने करीब 125 देशों में 755 निराश्रित गृह खोले जिससे करीब 5 लाख लोगों की भूख मिटने लगी।

 

Mother Teresa Biography

 

  • मदर टेरेसा का कहना था कि सेवा का कार्य एक कठिन कार्य है और इसके लिए पूर्ण समर्थन की आवश्यकता है। वही लोग इस कार्य को संपन्न कर सकते हैं जो प्यार एवं सांत्वना की वर्षा करें भूखों को खिलायें, बेघर वालों को शरण दें, दम तोडने वाले बेबसों को प्यार से सहलायें, अपाहिजों को हर समय ह्रदय से लगाने के लिए तैयार रहें।

  • मदर टेरेसा के कार्यों ने व्यक्तियों के साथ-साथ दुनिया भर के संगठनों से भी प्रशंसा प्राप्त की। इन्हें 1962 में पद्मश्री, 1969 में जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार, 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार, 1980 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

  • 09 सितम्बर 2016 को वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस ने मदर टेरेसा को संत की उपाधि से विभूषित किया था।
  • 5 सितंबर 1997 को मदर टेरेसा का निधन हो गया। भले ही मदर टेरेसा हमारे बीच नहीं है,लेकिन उनकी मिशनरी आज भी देश में समाज सेवा के कार्यों में लगी हुई है। मदर टेरेसा हमेशा लोगों के दिलों में याद बनकर रहेंगी।     

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