Ramayan ke Patra – रामायण के प्रमुख पात्र, इनके बिना अधूरी होती रामायण

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Ramayan ke Patraरामायण प्राचीन भारत के दो प्रमुख महाकाव्यों में से एक है| यह भगवान राम के जीवन की गाथा को दर्शाती है| इस माहाकाव्य में आपको मालूम चलेगा कि कैसे भगवान राम अपने पिता दशरथ के कहने पर 14 साल जंगल में अपने छोटे भाई लक्ष्मण और अपनी पत्नी सीता के साथ रहते हैं| राम को वनवास जाने का आदेश महाराज दशरथ ने कैकेयी के कहने पर दिया था| 14  वर्षों के वनवास में प्रभु राम ने कई परेशानियों का सामना किया और रावण से सीता को बचाकर उसका वध करने के बाद अयोध्या लौटे| तो चलिए आपको बताते हैं रामायण के प्रमुख पात्रों के बारे में|ramayan ke patra

Ramayan ke Patra Characters in Ramayan – रामायण के पात्र / कैरेक्टर्स

भगवान राम Ramayan ke Patra रामायण के पात्र / कैरेक्टरस

  • भगवान राम दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र थे और अयोध्या के राजकुमार थे
  • राम को भगवान विष्णु का एक अवतार माना जाता है|
  • राम का विवाह मिथिला की राजकुमारी सीता से हुआ|
  • महाकाव्य रामायण में राम का उनके छोटे भाई लक्ष्मण के साथ मजबूत रिश्ता दिखाया गया है|  

सीता

  • सीता राजा जनक की बेटी थी| उनके पिता ने उन्हें ज़मीन पर लेटा पाया था और उनका पालन पोषण किया|
  • सीता को उनके गुणों, समझदारी और सुंदरता के लिए जाना जाता है, उन्हें देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है
  • सीता ने भगवान राम से विवाह किया और उनके साथ 14 सालों तक वन में रहीं|

रावण- Characters in Ramayan – Ramayan ke Patra

  • रावण रामायण का सबसे अहम पात्र था| रावण ने कई सालों तक भगवान शिव की तपस्या की थी, जिसके बाद उन्हें वरदान मिला था कि वो किसी भी देवता, दानव या किसी अन्य परमात्मा द्वारा मारा नहीं जाएगा। 
  • इस वरदान के कारण ही वह अहंकारी बन गया और पृथ्वी पर हर जगह बुराई फैलाने लगा
  • पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण राक्षसों का राजा था जिसके 10 सिर थे|

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लक्ष्मण- List of Characters in Ramayana – Ramayan ke Patra

  • लक्ष्मण राजा दशरथ के पुत्र और भगवान राम के छोटे भाई थे| वह अपने भाई राम के प्रति हमेशा समर्पित रहते थे|
  • उनका विवाह सीता की छोटी बहन उर्मिला से हुआ था|
  • लक्ष्मण की माँ का नाम सुमित्रा था और वह राजा दशरथ की तीन पत्नियों में से एक थी|

हनुमान

  • हनुमान सुग्रीव के सलाहकार थे| हिंदू किंवदंतियों के अनुसार, हनुमान की माता का नाम अंजना और पिता केसरी थे| मगर हनुमान जी को वायु पुत्र कहकर भी पुकारा जाता है
  • हनुमान श्री राम के सबसे प्रिय भक्त भी थे|  
  • इन्द्र के वज्र से हनुमानजी की ठुड्डी (संस्कृत में हनु) टूट गई थी, इसलिये उनको हनुमान का नाम दिया गया|
  • ये अनेक नामों से प्रसिद्ध हैं जैसे बजरंग बली, मारुति, अंजनि सुत, पवनपुत्र, संकटमोचन, केसरीनन्दन, महावीर, कपीश, शंकर सुवन|  

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राजा दशरथ – Ramayan ke Patra

  • दशरथ वाल्मीकि रामायण के अनुसार अयोध्या के रघुवंशी (सूर्यवंशी) राजा थे|
  • पुत्र कामना के लिए उन्होंने अश्वमेध यज्ञ तथा पुत्रकामेष्टि यज्ञ किया था
  • राजा दशरथ भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के पिता थे| वह दयालु और एक महान राजा थे|
  • उनकी तीन पत्नियां थीं कौशल्या, सुमित्रा तथा कैकेयी|

विश्वामित्रRamayan ke Patra रामायण के पात्र / कैरक्टर्स

  • ऋषि विश्वामित्र बड़े ही प्रतापी और तेजस्वी महापुरुष थे| ऋषि बनने से पहले वह एक राजा थे
  • ऋषि वशिष्ठ से कामधेनु गाय लेने के लिए उन्होंने युद्ध किया, लेकिन वे हार गए| इस हार ने ही उन्हें घोर तपस्या के लिए प्रेरित किया|
  • विश्वामित्र की तपस्या और मेनका द्वारा उनकी तपस्या भंग करने की कथा जगत प्रसिद्ध है|
  • विश्वामित्र राक्षसों के संहार के लिए भगवान राम को अपने साथ ले गये थे और राजा जनक के यहाँ होने वाले स्वयंवर में भी राम और लक्ष्मण को साथ लेकर गये|

भगवान शिव

  • शिव, ब्रह्मा और विष्णु को पौराणिक धर्मों के अनुसार त्रिमूर्ति कहा जाता है|
  • वह ज़्यादातर ध्यान में बैठने के लिए जाने जाते हैं और अन्य देवताओं और अलौकिक प्राणियों की शक्ति को वश में करने में सक्षम हैं|
  •  वह समर्पण के साथ ध्यान करने वालों को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं|

लव और कुश- List of Characters in Ramayana – Ramayan ke Patra

  • लव और कुश भगवान राम और सीता के दो पुत्र थे| वे दोनों वाल्मीकि से रामायण पढ़ते थे|
  • कुछ कथाओं के अनुसार राम ने अपने पुत्र लव को शरावती का और कुश को कुशावती का राज्य दिया था|

ऋषि वशिष्ठ- Characters in Ramayan – Ramayan ke Patra

  • वशिष्ठ वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे|
  • वह एक सप्तर्षि रहे – यानी के उन सात ऋषियों में से एक जिन्हें ईश्वर द्वारा सत्य का ज्ञान एक साथ हुआ था। 
  • वशिष्ठ राजा दशरथ के गुरु और उनके परिवार के धार्मिक सलाहकार थे| वशिष्ठ ब्रह्मा के मानस पुत्र थे|

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कैकेयी

  • कैकेयी राजा दशरथ की तीसरी और सबसे छोटी पत्नी थी| वह भरत की माँ थी। 
  • ये  अपनी सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध थी|
  • उनके कारण ही भगवान राम को वनवास भेजा गया
  • कैकेयी ने एक युद्ध में राजा दशरथ की जान बचाई थी जिसके कारण राजा ने उन्हें मनचाहा फल मांगने को कहा, जिसके परिणामस्वरूप कैकेयी ने अपने बेटे भरत के लिए राजगद्दी मांगी| यह विचार उन्हें अपनी दासी मंथरा से आया था|

सुमित्रा – Ramayan ke Patra

  • सुमित्रा राजा दशरथ की दूसरी पत्नी थी उनके दो बच्चे थे, लक्ष्मण और शत्रुघ्न|

कौशल्या

  • कौशल्या राजा दशरथ की पहली पत्नी थी, भगवान राम उनके पुत्र थे|
  • वह स्वभाव से दयालु और बहुत समझदार थी

मंथरा  – Ramayan ke Patra

  • मंथरा कैकेयी की एक पुरानी नौकरानी थी और एक दुष्ट महिला के रूप में जानी जाती हैं|
  • उसने कैकेयी को कहा था कि वह राजा दशरथ से अपने बेटे भरत के लिए राजगद्दी मांगे और राम को वन में जाने दें|

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गुहा

  • गुहा शिकारियों का राजा थागुहा ने श्रृंगबेरपुरा के निकट जंगल में शासन किया। वह भगवान राम के प्रति निष्ठावान थे|

भरत- Characters in Ramayan – Ramayan ke Patra

  • भरत राजा दशरथ और कैकेयी के पुत्र थे| वह राम, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के सौतेले भाई थे|
  • भरत अपने भाई राम के लिए समर्पित थे।  

शत्रुघ्न

  • शत्रुघ्न राजा दशरथ और सुमित्रा के पुत्र थे|
  • शत्रुघ्न लक्ष्मण के जुड़वां भाई और राम, भरत के सौतेले भाई थे|
  • शत्रुघ्न ने हर जगह भरत का साथ दिया और बड़े भाई के आदेशों का पालन किया

सुमन्त्र

  • सुमन्त्र अयोध्या के महाराज दशरथ के आठ कूटनीतिक मंत्रियों में से एक और रामायण में सबसे मुख्य मंत्री थे|
  • वह महाराज दशरथ के सलाहकार थे|

शूर्पणखा

  • शूर्पणखा रावण की बहन और एक शक्तिशाली दानव थी|
  • उसने भगवान राम को बहकाने का प्रयास किया और सीता को मारने की कोशिश की|
  • मगर असफल होने पर वह लक्ष्मण को रिझाने लगी जिससे लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी

मारीच – Ramayan ke Patra

  • मारीच रामायण का एक दुष्ट पात्र है|
  • मारीच ताड़का और सुन्द का पुत्र था| मारीच ने सुन्दर सोने जैसा मृग का रूप धारण किया और धोके से सीता जी को अपनी ओर आकर्षित किया|
  • वह सीता-हरण का कारण बना था|

खर

  • खर रावण का चचेरा भाई थाउसने जनस्थान के क्षेत्र पर शासन किया जो जंगल के पास था| जहां भगवान राम ने वनवास किया। 
  • अपने बल और शक्ति से वह ऋषियों को मारता था और यज्ञ या किसी तरह के पवित्र अनुष्ठानों को बर्बाद कर देता था|

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जटायु

  • जटायु गृध्रराज थे और वे ऋषि ताक्षर्य कश्यप और विनीता के पुत्र थे|
  • राम के काल में सम्पाती और जटायु नाम के दो गरूड़ थे
  • जब रावण सीता का हरण करके लंका ले जा रहा था तो जटायु ने सीता को रावण से छुड़ाने की कोशिश  की थी| इससे क्रोधित होकर रावण ने उसके पंख काट दिये थे
  • जब राम और लक्ष्मण सीता को खोजते-खोजते वहां पहुंचे तो जटायु से ही सीता हरण के बारे में पता चला|

कबन्ध – Ramayan ke Patra

  • कबन्ध एक गन्धर्व था जो दुर्वासा ऋषि के श्राप के कारण राक्षस बना| उसका कोई पैर या सिर नहीं था| उसके पास केवल कुछ हथियार थे|
  • उसकी यह दुर्दशा इंद्र देव के कारण हुई|
  • राम ने उसका वध करके राक्षस योनी से मुक्त किया|

सुग्रीव

  • सुग्रीव वानर राज के राजा थे| उन्हें अपने भाई बाली द्वारा बहुत परेशान किया जाता था|  
  • बाली से पीछा छुड़ाने के लिए सुग्रीव ने भगवान राम और लक्ष्मण का सहारा लिया और बदले में हमेशा उनकी सेवा करने का वचन दिया|

अंगद – Ramayan ke Patra

  • पंचकन्या में से एक तारा तथा किष्किंधा के राजा बाली का पुत्र और सुग्रीव का भतीजा था|
  • वह एक वानर युवक था जो बहादुर और बुद्धिमान था|
  • राम ने उसे रावण के पास दूत बनाकर भेजा था|

विभीषण

  • विभीषण रावण का छोटा भाई और प्रभु श्री राम का भक्त था|
  • अपनी बुद्धिमानी और समझदारी के कारण भगवान राम की सेना में शामिल हो गए थे|

जंभावन 

  • जंभावन को जादुई भालू भी कहा जाता है|
  • वह सुग्रीव और भगवान राम के बुद्धिमान और मजबूत सहयोगी थे|

इंद्रजीत

  • इंद्रजीत रावण का प्रिय पुत्र और एक शक्तिशाली योद्धा था
  • देवताओं के राजा इंद्र को पकड़ने के बाद उन्होंने उनकी शक्तियों के लिए प्रसिद्धि मिली|

कुंभकर्ण – Ramayan ke Patra

  • कुंभकर्ण रावण का भाई था| उनका शरीर बहुत बड़ा और भारी था| वह आम लोगों से कई गुना ज़्यादा भोजन करता था जिसका वर्णन रामचरितमानस में भी किया गया है|
  • ऐसा माना जाता है कि कुंभकर्ण 6 महीने तक सोता था फिर जागता था|
  • बचपन से ही बड़े कान होने के कारण इसका नाम कुम्भकर्ण रखा गया|

अगस्त्य

  • अगस्त्य भी एक वैदिक ऋषि थे| वह बहुत पुराने और शक्तिशाली ऋषियों में से एक माने जाते थे उन्होंने भगवान राम को आशीर्वाद दिया था
  • जब भगवान राम अयोध्या के राजा बने, तब वह राम के महल में आए और उन्हें अपनी यात्रा के दौरान मिलने वाले लोगों के बारे में गुप्त किस्से सुनाए|
  • ये वशिष्ठ मुनि के बड़े भाई थे|

जनक – Ramayan ke Patra

  • जनक मिथिला के राजा और सीता के पिता थे |
  • वह आध्यात्मिक प्रवचन में गहरी रुचि रखते थे और खुद को सांसारिक भ्रम से मुक्त मानते थे|

नाला और नीला

  • नाला को राम सेतु के इंजीनियर के रूप में जाना जाता हैइसीलिए इस पुल को नाला सेतु के नाम से भी पुकारा जाता है|
  • राम की सेना में एक नील नामक बंदर वानर सेना के सेनापति थे, जिन्होंने लंका के राक्षस राजा रावण के खिलाफ लड़ाई लड़ी| वह अग्नि-देवता के अग्नि के पुत्र नील थे|

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वाल्मीकि

  • महाकाव्य रामायण के अंतिम अध्याय में वाल्मीकि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| ऐसा माना जाता है कि जब राम सीता को जंगल में भेजते हैं, तो सीता को ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में शरण मिली थी। वहाँ उन्होंने लव और कुश को जन्म दिया
  • लव और कुश वाल्मीकि के पहले शिष्य थे, जिन्हें उन्होंने रामायण सिखाई|

विभीषण – Ramayan ke Patra

  • विभीषण रावण का छोटा भाई था|
  • जब राम ने रावण को पराजित किया, राम ने विभीषण को लंका का राजा घोषित किया|

विश्वामित्र

  • विश्वामित्र रामायण में सबसे प्रतिष्ठित ऋषियों या संतों में से एक थे|
  • वह गायत्री मंत्र के संस्थापक थे| कहा जाता है कि विश्वामित्र ने राक्षसों को मारने के लिए राम को भेजा गया था|

शबरी

  • शबरी भगवान राम की भक्त थी|
  • एक दिन जब राम, सीता और लक्ष्मण शबरी के सामने आये तो उन्होंने राम को बेर खिलाए|
  • मगर राम को वह मीठे बेर खिलाना चाहती थी इसलिए हर बेर को उन्होंने खुद चखा और फिर राम को खिलाया। 
  • लक्ष्मण ने राम को झूठे बेर खाने से मना किया, मगर राम ने उन्हें समझाते हुए कहा तुम केवल शबरी की सच्ची निष्ठा और भाव देखों|

सुषैण  – Ramayan ke Patra

  •  सुषेण वैद्य रामायण के अनुसार लंका में वैद्य थे। उन्होंने इंद्रजीत द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित कर देने पर उनकी चिकित्सा की थी|
  • जब मेघनाद ने लक्ष्मण को तीर मारकर घायल कर दिया था तब हनुमान को द्रोणागिरि पहाड़ियों से चार पौधे (संजीवनी बूटी) लाने का निर्देश सुषेण ने ही दिया था, जिससे लक्ष्मण की जान बचाई गई। 

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