भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में पैर रखते ही दूर हो जाती हैं सारी बीमारियां 

rog dur karne wale mandir – भारत में ऐसे कई धार्मिक स्थल हैं जो अपने चमत्कार और रहस्य के लिए जाने जाते हैं। ऐसे मंदिरों की मान्यता ही श्रद्धालुओं को उनके यहां आने पर मजबूर कर देती है। आज हम आपको भारत के ऐसे ही मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां जाकर लोगों की मन्नत ही नहीं बल्कि उनके शरीर से जुड़ी कई बीमारियां भी दूर होती हैं। आइए जाने इन मंदिरों के बारे में..

भादवा माता मंदिर- rog dur karne wale mandirrog dur karne wale mandir

  • मध्य प्रदेश के नीमच शहर से लगभग 18 किमी की दूरी पर भादवा माता मंदिर है जो चमत्कारों व वरदानों के लिए प्रसिद्ध है।
  • यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है जो सुन्दर चांदी के सिंहासन पर विराजमान हैं। इस मंदिर में एक जोत जलती है जो कई सालों से बिना रुके लगातार जलती जा रही है।
  • मान्यता है कि माता रोज रात को मंदिर में फेरा लगाती हैं, जो किसी भी रुप में आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देकर उन्हें निरोगी करती हैं। 
  • इस वजह इस मंदिर में लकवा ग्रस्त व नेत्रहीन रोगियों की भीड़ लगी रहती है। 

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झिंडी वाले बुआ बाबा मंदिरrog dur karne wale mandir

  • सुप्रसिद्ध वैष्णो देवी मंदिर से 60 किलोमीटर पहले झिंडी वाले बुआ बाबा का मंदिर है, जो अपनी आस्था के लिए जाना जाता है। 
  • इस मंदिर पर एक प्राकृतिक रूप से सरोवर बना हुआ है, जिसमें स्नान करने के लिए देशी-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। 
  • मान्यता है कि मंदिर क्षेत्र के इस प्राकृतिक सरोवर की मिट्टी को शरीर पर रगड़ने से असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। साढ़े सोलह सौ सालों से यह प्रथा चली आ रही है।

बुटाटी धामrog dur karne wale mandir

  • राजस्थान के नागौर से चालीस किलोमीटर दूर अजमेरनौगार रोड़ पर कुचेरा कस्बे के पास बुटाटी धाम स्थित है। 
  • बुटाटी धाम को चतुरदास जी महाराज के मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में हर साल हजारों लोग लकवे के रोग से ठीक होकर जाते हैं। 
  • कहा जाता है कि लगभग 500 साल पहले सिद्ध योगी चतुरदास तपस्या से लोगों को रोग मुक्त करते थे। आज भी उनकी समाधी पर परिक्रमा करने से लकवे से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है। 
  • नागौर में हर साल वैशाख, भादवा और माघ महीनों में मेला लगता है इसमे दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

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रामेश्वरम मंदिर-rog dur karne wale mandirrog dur karne wale mandir

  • तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में रामेश्वरम मंदिर स्थित है। यह तीर्थ ​स्थल हिंदुओं के चार धामों में से एक प्रमुख है।
  • मान्यता है कि यहां स्थित अग्नि तीर्थम में जो भी श्रद्धालु स्नान करते हैं उनके सारे पाप और रोग धुल जाते हैं। 
  • मंदिर के परिसर में 22 कुंड है, जिसमें श्रद्धालु पूजा से पहले स्नान करते हैं। इससे निकलने वाले पानी को चमत्कारिक गुणों से युक्त माना जाता है। 
  • इस मंदिर का महत्व रामायण काल से जुड़ा हुआ है। रामेश्वरम मंदिर को वैष्णववाद और शैववाद दोनों का संगम कहा जाता है।

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हनुमान ​मंदिर rog dur karne wale mandir

  • छत्तीसगढ़ के रतनगढ़ गांव में यह ऐसा इकलौता मंदिर हैं, जहां हनुमान जी की पूजा स्त्री के रूप में पूजा की जाती है।
  • यहां रखी प्रतिमा दस हजार साल पुरानी है। इस मंदिर में श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा से आते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती है। 
  • रतनगढ़ के राजा ने कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए हनुमान जी की प्रतिमा को महामाय कुंड से निकालकर इस मंदिर में स्थापित किया है। 
  • इस वजह से लोग दूरदूर से अपने रोग और समस्याओं का इलाज कराने के लिए इस मंदिर में आते हैं। 

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