Shiv Puran In Hindi – जानिए शिव पुराण का पाठ कब और कैसे करें

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Shiv Puran In Hindi – शिव पुराण जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस पवित्र हिन्दू धार्मिक पुराण में देवों के देव महादेव की महिमा का बखान है। सरल शब्दों में कहें तो शिव पुराण में शिव के विभिन्न अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, जप, तप, ज्ञान, मोक्ष, व्रत इत्यादि पर प्रकाश डाला गया है। शिव पुराण में हज़ारों ज्ञान और भक्ति की बातें मिलती हैं।Shiv Puran In Hindi

इतना ही नहीं, शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं सर्वाधिक पढ़े जाने वाले पुराणों में से एक है और हो भी क्यों न, आखिरकार इस दुनिया के स्वामी भगवान शिव के असंख्य भक्त उनकी महिमा का श्रवण करने के इच्छुक रहते हैं इसलिए शिव पुराण को सबसे ज़्यादा पसंद किया जाता है। प्रत्येक शिव भक्तों द्वारा शिव पुराण को विशेष महत्व दिया जाता है। शिव पुराण शिवजी के कल्याणकारी स्वरूप का तात्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। आइए आज हम अपने लेख के माध्यम से आपको शिव पुराण से  जुड़ी कुछ खास जानकारी देते हैं जो आपको शिव के स्वरूप के प्रति और अधिक आकर्षित करेगी….

Shiv Puran In Hindi – shiv maha puran katha in hindi

शिव पुराण में किसका है सार…..

शिव पुराण हिंदू धर्म के संस्कृत ग्रंथों में 18 पुराण शैली में से एक है। शिव पुराण को शैव धर्म साहित्य संग्रह का हिस्सा माना गया है। यह ग्रंथ मुख्य रूप से भगवान शिव और देवी पार्वती के साथ जुड़ा है, लेकिन इसमें सभी देवी, देवताओं का वर्णन मिलता है और उनका सम्मान करता है। शिव पुराण में शिव-केंद्रित ब्रह्मांड विज्ञान, पौराणिक कथाओं, देवताओं के बीच संबंध, नैतिकता, योग, तीर्थ (तीर्थयात्रा) स्थल, भक्ति, नदियाँ और भूगोल, और अन्य विषयों के अध्याय शामिल हैं। शिव पुराण के सबसे पुराने अध्यायों में महत्वपूर्ण वेदांत दर्शन है। सभी पुराणों में सर्वश्रेष्ठ और पवित्र शिव पुराण में शिव जी के स्वरूप का गुणगान, उनकी पूजा, शिवलिंग और उनके निराकार स्वरूप के बारे में, शिवलिंग की उत्पत्ति के बारे में, सृष्टि के रहस्यमई निर्माण के बारे, शिवरात्रि के बारे में और साथ ही साथ कलयुग के विषय में विस्तार से बताया गया है। शिव पुराण शिक्षाप्रद कहानियों का भी एक संकलन है।

शिव पुराण पढ़ने से क्या होता है?

कहा जाता है कि जो व्यक्ति शिवपुराण को सच्ची श्रद्धा और भावना से पड़ता है या सुनता है भगवान शिव शक्ति उस व्यक्ति का कल्याण करते हैं। शिव पुराण का पाठ करने से लोगों की इच्छाएं पूर्ण होती हैं। निसंतान व्यक्तियों को संतान की प्राप्ति होती है। वैवाहिक जीवन से संबंधित समस्याएं दूर होती है। व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है। अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही आपको शिवपुराण के पाठ करने से कलयुग के विषय में कई रहस्यमई बातों का ज्ञान प्राप्त होता है।

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Shiv Puran In Hindi

शिव पुराण का पाठ कैसे करें?

  • महाशिवरात्री पर भी इसके पाठ का बहुत महत्व है। इसके अलावा आप कभी इसका पाठ करना चाहे, तो सोमवार से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। सात दिनों में शिव पुराण की सात संहिताओं का पाठ किया जा सकता है।
  • इसके अलावा पूरे एक महीने में भी इसका पाठ किया जा सकता है। शिव पुराण का पाठ शुरू करने से पहले सबसे पहले गणेशजी का पूजन करना चाहिए। शिवपुराण में बताया गया है, कथा में आने वाले विघ्नों की दूर करने के लिए गणेशजी का पूजन करना अनिवार्य है।
  • इस शिव पुराण कथा के स्वामी भगवान शिव का पूजन करें, शिवपुराण की पुस्तक की भक्तिभाव से पूजा करें। शिवपुराण का पाठ आप किसी योग्य ब्राह्मण से करवाएं तो बहुत अच्छा होगा।
  • अगर आप खुद करना चाहते हो, तो पहले गणेशजी, फिर शिव जी और माता पार्वती के साथ शिव परिवार की भी पूजा करें। फिर शिव पुराण को अपने मस्तक से लगा कर श्रद्धाभाव से लकड़ी की पट्टिका पर साफ, लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर रखें।
  • चंदन तिलक लगा के धूप, दीप, अक्षत, फूल आदि से पूजा करें। शिव पुराण के हर अध्याय के बाद भगवान शंकर का जलाभिषेक करें। अगर यह संभव नहीं हो पाता तो सोमवार को शिव जी का रुद्राभिषेक अवश्य करें।
  • इसके साथ ही हर अध्याय के पूरा होने पर आप एक उत्सव के रूप में शिवजी की आराधना और शिव परिवार का पूजन इत्यादि करें।

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Shiv Puran In Hindi

शिव का पाठ कब करना चाहिए?

साधाणतया शिव पुराण जैसे पवित्र ग्रंथ का पाठ तो कभी भी कर सकते हैं क्योंकि हर दिन हर समय शिव पुराण का पाठ तो शुभकारी ही है, पर फिर भी इसका पाठ अगर श्रावण मास में किया जाए तो अति शुभ फल देने वाला माना गया है, क्योंकि श्रावण मास शिवजी का पसंदीदा मास माना जाता है लेकिन ध्यान रहें अगर आप श्रावण के महीने में शिव पुराण का पाठ करते हैं, तो प्रयास करना चाहिए, कि श्रावण पूर्णिमा तक शिवमहापुराण संपन्न हो जाए, या तो शिवरात्रि तक पूरा कर लें। इसके अलावा सोमवार को इसका पाठ ज़रूर करना चाहिए, सोमवार को शिव पुराण का पाठ करने से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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