क्यों मनाया जाता है होली का त्यौहार और क्या है इसके पीछे की पौराणिक कहानियां

The significance of Holi in hindiरंगों का त्यौहार होली सभी के घर में खुशियां लेकर आता है। यही वजह है कि इस त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। रंगों का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। फाल्गुन मास हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष का अंतिम मास होता है। इस बार होली 21 मार्च को है। होली के एक दिन पहले होलिका दहन होता है। इसे मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। तो चलिए जानते है होली क्यों मनाई जाती है।

The significance of Holi in hindi

Must Read- Tips for a healthy and Safe Holi

होली की पहली कथा

  • पौराणिक कथाओं के अनुसार हिरण्यकशिपु प्राचीन भारत का एक राजा था जिसे ब्रम्हा जी से वरदान मिला था।
  • ब्रम्हा जी से मिले इस वरदान के कारण हिरण्यकशिपु को घमंड हो गया और वो खुद को ही भगवान समझने लगा।
  • बहुत सालों बाद हिरण्यकशिपु का एक बेटा पैदा हुआ जिसका नाम प्रहलाद था। प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था और वह भगवान विष्णु की पूजा और भक्ति में ही विलीन रहता था।
  • हिरण्यकशिपु उसकी इस भक्ति से परेशान था क्योंकि वो भगवान विष्णु को अपना शत्रु मानता था। हिरण्यकशिपु ने कई बार प्रहलाद को भक्ति करने से रोका, लेकिन प्रहलाद नहीं माना।

The significance of Holi in hindi

  • इसी के चलते हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को मारने का प्लान बनाया। हिरण्यकशिपु की एक बहन थी जिसका नाम होलिका था।
  • होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसको आग जला नहीं सकती। हिरण्यकशिपु ने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए, इससे भक्त प्रहलाद की आग में जलकर मृत्यु हो जाएगी।
  • लेकिन जब होलिका की गोद में प्रहलाद बैठा तो भगवान विष्णु ने उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान किया जिससे भक्त को कुछ नहीं हुआ, लेकिन होलिका जलकर राख हो गई।
  • होलिका की ये हार बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है। इसलिए बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए होलिका दहन किया जाता है।
  • होलिका के भस्म होने के बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकशिपु का वध कर दिया। इस तरह संसार से बुराई का नाश हुआ और अच्छाई की जीत हुई। इसी के चलते होली से एक दिन पहले होलिका जलाई जाती है।

Must Read- Holi in Vrindavan: Holi Events Happening This Year at Vrindavan

दूसरी कथा

The significance of Holi in hindi

  • मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण ने जब जहर खाया था तो उनकी त्वचा गहरे नीले रंग की हो गई थी।
  • अपने इस रंग को लेकर वो हमेशा ये सोचते थे कि क्या निष्पक्ष त्वचा वाली लड़कियां उन्हें पसंद करेंगी।
  • एक दिन कृष्ण की माँ ने उन्हें राधा के पास जाने और अपनी पसंद के किसी भी रंग में रंगने के लिए कहा। कहते हैं बस तभी से रंगों के साथ होली का चंचल उत्सव कृष्ण और राधा के साथ मनाया जाने लगा।

Must Read- Unique Holi in Uttarakhand उत्तराखंड की होली

तीसरी कथा

  • ये कथा भी प्रचलित है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इस पूतना नामक राक्षसी का वध किया था।
  • इसी खु़शी में गोपियों और ग्वालों ने रासलीला की और रंग खेला था। तभी से रंगों वाली होली मनाई जाती है।

होली पर्व से जुड़े कुछ वैज्ञानिक तथ्य

  • ये वैज्ञानिक कारण होलिका दहन की परंपरा से जुड़ा है। बसंत ऋतु के आगमन का यह महीना पर्यावरण और शरीर में बैक्टीरिया की वृद्धि को बढ़ा देता है।
  • लेकिन जब होलिका जलाई जाती है तो उससे करीब 145 डिग्री फारेनहाइट तक तापमान बढ़ता है। होलिका से निकलता ये ताप शरीर और आसपास के पर्यावरण में मौजूद बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है। इस प्रकार यह शरीर तथा पर्यावरण को स्वच्छ करता है।

Must Read- Five famous Holi sweets that you must eat

For more articles like ‘The significance of Holi in hindi’, do follow us on FacebookTwitter, and Instagram.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. The usage of the content and images on this website is intended to promote the works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2018 Tentaran.com. All rights reserved.