जानिए थायराइड होने से पहले और बाद में, शरीर में क्या होता है?

Please follow and like us:

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi – आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग इतना व्यस्त हो जाते हैं कि उन्हें पता ही नहीं चलता वो किन – किन बीमारियों से ग्रसित हो गए हैं। ऐसी ही एक बीमारी का नाम है थायरायड । ये रोग हार्मोन्स के असंतुलन होने के कारण होता है। आइए आपको बताते हैं थायराइड होने से पहले और बाद में, शरीर में क्या होता है?

thyroid causes symptoms treatments in hindi

थायराइड क्या है – What is Thyroid? – Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

what is thyroid

  • थायराइड गले में पाई जाने वाली एक तरह की ग्रंथि है। ये ग्रंथि तितली के आकार के होती है और गले के सामने वाले हिस्से, स्वरयंत्र (vocal cord) के नीचे की ओर पायी जाती है, जो मेटाबॉलिज्म नियंत्रित करती है।
  • इस बीमारी से ग्रस्त लोगों में यह ग्रंथि सामान्‍य तरीके से काम नहीं करती। इसमें थायराइड हार्मोन बनना कम या ज़्यादा हो जाता है। थायराइड ग्रंथि में छोटी-छोटी थैली जैसे टुकड़े होते हैं जिनमें गाढ़ा द्रव होता है।
  • इस द्रव में थायराइड के हार्मोन पाए जाते हैं। इन हार्मोन में आयोडीन की मात्रा अधिक होती है। थायराइड ग्रंथि एंडोक्राइन प्रणाली का हिस्सा है, जो कई अंगों और ऊतकों (tissue) से मिलकर बनी है। ये ऊतक (tissue) हार्मोन यानी रासायनिक पदार्थों को पैदा करते हैं, जमा करते हैं और खून में भेजते हैं।

Must read :  दूध पीने के बाद भूलकर भी न करें इन चीज़ों का सेवन

थायराइड हार्मोन कैसे काम करते हैं?

  • थायराइड हार्मोन पेट में पाचक रस के बनने की गति को बढ़ाते हैं। थायराइड हार्मोन, ऊतकों के बढ़ने में मदद करते हैं। शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए ऊर्जा पैदा करते हैं।
  • वे खून से खराब कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा को निकालने में लिवर की मदद करते हैं। खराब कोलेस्ट्रॉल पित्त से मिलकर मल-मूत्र के रूप में बाहर निकलता है।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

थायराइड हार्मोन के कम और ज़्यादा होने से क्या होता है?

  • थायराइड हार्मोन की कमी से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे अच्छा कोलेस्ट्रॉल घटता है।
  • थायराइड हार्मोन अधिक होने से दस्त और कम होने से कब्ज़ हो सकती है क्योंकि ये हार्मोन मेटाबोलिज्म को नियंत्रण में रखता है।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

थायराइड होने पर शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं?

what symptoms do the body show when it is thyroid

  • दिनभर थकान होती है।
  • रातभर नींद लेने के बाद भी सुबह थका हुआ महसूस करते हैं।
  • डिप्रेशन भी हार्मोंस के कम स्तर का संकेत हो सकता है क्योंकि थायराइड हार्मोंस मस्तिष्क के सेरोटोनिन तत्व से जुड़ा होता है। सेरोटोनिन एक बायोकेमिकल है, जो अच्छा महसूस कराता है।
  • बहुत अधिक चिंतित रहना।
  • अधिक भूख लगती है, लेकिन वज़न बढ़ने की बजाय कम होता है।
  • थायराइड हार्मोंस के कम होने पर सेक्स में दिलचस्पी कम होने लगती है। इसका सीधा संबंध थायराइड से न होकर थकान और ऊर्जा की कमी से होता है।
  • कब्ज़ की शिकायत।
  • महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता।
  • थायराइड की कमी से पीरियड्स के बीच का अंतर बढ़ता है।
  • थायराइड की अधिकता से पीरियड्स जल्दी-जल्दी होते हैं।
  • हाथ-पैरों में दर्द रहना।
  • हाई ब्लडप्रेशर की परेशानी।
  • बहुत ठंड या गर्मी लगना।
  • थायराइड में सूजन की वजह से आवाज़ में बदलाव आता है।
  • सिर, आईब्रो व अन्य हिस्सों के बालों में कमी होना।
  • थायराइड की कमी से बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल की परेशानी भी होती है।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

किन वजहों से होता है थायराइड?

what causes thyroid

  • आयोडीन शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। शरीर में 80 प्रतिशत आयोडीन, थायराइड में पाया जाता है।
  • खाने में आयोडीन की कमी होने से थायराइड ग्रंथि सूज जाती है जिसे घेंघा (गॉयटर) कहते हैं। आयोडीन सभी के लिए बेहद ज़रूरी है। चाहे वो बड़ा हो या बच्चा।
  • दवाइयों के साइड इफेक्ट से भी थायराइड हो जाता है।
  • सोया प्रोटीन, कैप्सूल, और पाउडर के रूप में सोया उत्पादों को ज़रूरत से ज्यादा लेने से भी थायराइड हो जाता है।
  • त्वचा की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रेडिएशन थेरेपी भी इसके होने की वजहों में से एक है। रेडिएशन थेरेपी की वजह से टॉन्सिल्स या फिर थाइमस ग्रंथि में परेशानी हो सकती है, जिस वजह से थायराइड हो सकता है।
  • मेनोपॉज (Menopause) के दौरान महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल परिवर्तन से भी थायराइड होता है।
  • तनाव का असर दिमाग के साथ-साथ थायराइड ग्रंथि पर भी पड़ता है, जिस वजह से हॉर्मोन स्राव बढ़ने से थायराइड होता है।
  • यह बीमारी जेनेटिक भी है। माता-पिता को थायराइड हो तो बच्चो को होने की संभावना भी रहती है।

थायराइड दो तरह का होता है?

thyroid is of two types

  • हाइपर थायराइड – वज़न कम होता है।
  • हाइपो थायराइड – वज़न बढ़ता है।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

क्या है हाइपर थायरॉइड?

 

  • हाइपर थायरॉइड- इसमें थायराइड ग्रंथि में अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन बनता है, जिस वजह से शरीर, उर्जा का इस्तेमाल ज़्यादा करता है। हाइपर थायराइड वाले मरीज का वज़न घटता है।

हाइपर थायराइड के लक्षण

symptoms of hyper thyroid

  • कमज़ोरी महसूस होना।
  • बाल बहुत अधिक झड़ना।
  • त्वचा से सम्बंधित रोग होना।
  • अचानक से शरीर का कांपना।
  • दिल की धड़कन तेज़ होना।
  • वज़न तेज़ी से कम होना।
  • पसीना ज़्यादा या बिलकुल भी न आना।
  • पीरियड्स कम आना।
  • नींद न आना।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

हाइपर थायराइड मरीज क्या खाएं?

what should a hyper thyroid-patient-eat

  • ब्रोकली खाएं।
  • सोया प्रोडक्ट्स लें।
  • ओमेगा 3 फैटी एसिड्स लें।
  • बेरीज़ लें।
  • आंवला खाएं।

हाइपो थायराइड क्या है?

what is hypo thyroid

  • हाइपो थायराइड मरीज की थायराइड ग्रंथि में हार्मोंस की मात्रा तेज़ी से कम होती है। इस दौरान मरीज की पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है। वज़न तेज़ी से बढ़ता है।

हाइपो थायराइड के लक्षण

  • वज़न तेज़ी से बढ़ना।
  • हर वक्त डिप्रेशन में रहना।
  • चिड़चिड़ापन और ज़्यादा गुस्सा आना।
  • कब्ज़ और एसिडिटी की शिकायत।
  • शरीर और चेहरे का फूलना।
  • त्वचा में रुखापन।
  • अनियमित पीरियड्स होना।
  • बिना कुछ काम किए थकान लगना महसूस होना।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

हाइपो थायराइड मरीज क्या खाएं?

what should a hypo thyroid patient eat

  • हाइपो थायराइ मरीज में कैल्शियम और विटामिन-b की कमी हो जाती है जिससे थकान रहती है। इसके लिए वे अदरक खाने में ज़रूर शामिल करें।
  • साबुत अनाज, जैसे-ज्वार, बाजरा लें। साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होता है।
  • फल, सब्ज़ियां लें। इनमें एंटीआक्सीडेंट होते हैं, जो थायराइड को बढ़ने नहीं देता।
  • अदरक में कैल्शियम और विटामिन-b कॉम्प्लेक्स होता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बायोटिन थायराइड ग्रंथि को ठीक से काम करने में मददगार है।

थायराइड का इलाज

thyroid treatment

  • थायराइड ठीक से काम कर रहा है या नहीं, ये पता लगाने के लिए खून में TSH और थायराइड हार्मोन की जांच की जाती है। थायराइड को एक्युप्रेशर के ज़रिए भी ठीक किया जा सकता है।
  • एक्युप्रेशर में पैराथायरॉइड और थायराइड के जो बिंदू होते हैं वे पैरों और हाथों के अंगूठे के नीचे और थोड़े उठे हुए भाग में मौजूद रहते हैं।
  • इन बिंदुओं (प्वॉइंट्स) को बांई से दांई ओर प्रेशर देना यानी दबाना चाहिए। साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हाइपो थायराइड

hypo thyroid

  • हाइपो थायराइड का पता टी3, टी4 और टीएसएच हॉर्मोन की जांच से चलता है। ऐसे मरीज कुछ दिनों तक दवा लेने के बाद पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। कई बार लंबे वक्त तक भी दवा लेनी पड़ती है और जीवनभर भी।

Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindi

थायराइड दूर करने में योग भी है मददगार।

yoga is also helpful in removing thyroid

  • थायराइड में जितना आराम दवा से मिलता है, उतना ही आराम प्राणायम से भी होता है इसलिए कोशिश करें कि रोज़ाना आधे घंटे योग करें। इसके लिए कुछ योगासन बताए गए हैं. जिसमें धनुरासन, मत्‍स्‍यासन और हलासन और प्राणायाम शामिल हैं।

थायराइड मरीज ऐसा रखें डेली रूटीन

  • सुबह जल्‍दी उठें और सुबह की दवा खाने के दस मिनट बाद 2 गिलास गुनगुना पानी पिएं।
  • थायराइड के रोगी को अपनी दिनचर्या में योग या किसी भी प्रकार के व्‍यायाम को ज़रूर शामिल करना चाहिए। आप सुबह-सुबह दौड़ लगाने से लेकर योग करने और जिम जाने तक कोई भी व्‍यायाम कर सकते हैं।
  • दवा खाने के बाद एक घंटे तक चाय-कॉफी, नाश्‍ता कुछ भी नहीं खाएं।
  • सुबह नाश्‍ते के साथ लौकी का जूस पिएं, या फिर घर में ही थोड़े से गेहूं उगाएं। रोज़ सुबह उठकर गेहूं के ज्वारों का जूस भी लाभदायक रहता है। इसके अलावा बाज़ार से अच्छे किस्म का एलोवेरा जूस लाकर पी सकते हैं, जिसमें फाइबर ज़्यादा हो।
  • अखरोट और बादाम में सेलेनियम नाम का एक तत्‍व मिलता है, जो थायराइड के इलाज में फायदेमंद है। अखरोट और बादाम खाने से गले में होने वाली सूजन कम हो जाती है। यह हाइपोथाइराइड में ज़्यादा फायदेमंद होता है इसलिए रात में अखरोट और बादाम को भिगो लें और सुबह नाश्‍ते में इसे खाएं।
  • रोज दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर गर्म करें। इससे थायराइड को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। अगर दूध में हल्दी मिलाकर पीना पसंद नहीं है तो आप हल्दी को भूनकर, पानी में गर्म करके या किसी और तरीके से उसका सेवन कर सकते हैं।
  • भोजन समय पर करें, बिलकुल भूखे न रहें। थायराइड के रोगी को यह सलाह दी जाती है कि वह समय पर भोजन कर ले। भूखे पेट रहने पर थायराइड ग्रंथि पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है।
  • थायराइड हॉर्मोन को नियंत्रित करने में काली मिर्च मददगार है।
  • अपने भोजन में वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बिलकुल कम कर दें और विटामिन ए की मात्रा बढ़ा दें। खाने-पीने में हरी सब्जियां और मिनरल्स वाली चीज़ें ज्यादा लें। गाजर, अंडे और पीले रंग की सब्जियां खाएं, जिनमें विटामिन ए ज्यादा होता है।
  • प्रोबायोटिक पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें। दही और सेब का सिरका जैसी चीज़ें खाएं, जो शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में करते हैं।
  • अपने शरीर में आयोडीन का लेवल चेक करते रहें क्‍योंकि मेटाबॉलिज्म के सही तरीके से काम करने के लिए आयोडीन बहुत ज़रूरी होता है। शरीर में आयोडीन की कमी न होने दें। समय-समय पर डॉक्टर से भी चेकअप करवाएं।

Must read : गर्मियों में ज़रूर करें इन 4 ‘विटामिन ‘ का सेवन, नहीं होगी ये बीमारियां

Must read : आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए करें ये पांच योगासन, जल्दी उतर जाएगा चश्मा

Read more stories like Thyroid Causes Symptoms Treatments in Hindiहमारे फेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर हमें फ़ॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. We make every effort to link back to original content whenever possible. If you own rights to any of the images, and do not wish them to appear here, please contact us and they will be promptly removed. Usage of content and images on this website is intended to promote our works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2019 Tentaran.com. All rights reserved.
× How can I help you?