Tirupati Balaji ke Rahasya: तिरुपति बालाजी’ के ऐसे रहस्य जिन्हें जानकर आप रह जाओगे हैरान!

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Tirupati Balaji ke Rahasya – Tirupati balaji rahasya in hindi – भारत को महापुरुषों और देवी देवताओं की स्थान कहा जाता है। भारत में कई मंदिर हैं इनमे से कई मंदिर तो कई हजार साल पुराने हैं। हर मंदिर के पीछे एक पौराणिक मान्यता है। आज हम आपको भारत के आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले के तिरुपति में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर के बारे में बताएंगे। तिरुपति बालाजी मंदिर के कई ऐसे रहस्य हैं जिन्हें सुनकर शायद आप आश्चर्यचकित रह जाओगे। तो चलिए जानते हैं। tirupati balaji ke rahasya

Tirupati Balaji ke Rahasya – Tirupati balaji rahasya in hindi : Facts about tirupati balaji in hindi

  • तिरुपति बालाजी में भगवान विष्णु के वेंकटेश्वर रूप की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु यहां माता लक्ष्मी के साथ निवास करते हैं। माता लक्ष्मी यहां पद्मावती रूप में विराजमान हैं।
  • तिरुपति मंदिर समुद्रतल से 3200 फ़ीट की ऊंचाई पर स्तिथ तिरुमाला की पहाड़ियों पर बना है।  यह मंदिर भारत के सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है।
  • भगवान तिरुपति के दर्शन करने रोज़ाना लाखों श्रद्धालु देश विदेश से आते हैं। कहते हैं यहाँ आने वाला कोई भी शख्स कभी खाली हाथ वापिस नहीं जाता। यह भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से  एक है।

Tirupati Balaji ke Rahasya – Tirupati balaji rahasya in hindi – Facts about tirupati balaji in hindi

तिरुपति बालाजी  मंदिर के रहस्य – Tirupati balaji rahasya in hindi

  • कहते हैं कि भगवान वेंकेटेश्वर स्वामी जी की मूर्ति पर जो बाल लगे हैं वो बिलकुल असली हैं और हैरानी की बात है कि यह बाल कभी भी आपस में नहीं उलझते। भगवान तिरुपति की मूर्ती पर लगे ये बाल हमेशा मुलायम ही रहते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां साक्षात् भगवान विराजते हैं।
  • ऐसा माना जाता है कि अठारवीं शताब्दी में मंदिर की दीवार पर कुछ लोगों को फांसी की सज़ा दी गई थी और उसी दिन से खुद भगवान वेंकेटेश्वर स्वामी जी मंदिर में साक्षात रूप से प्रकट होते रहे हैं।
  • उस वक्त के राजा ने उन लोगों को फांसी की सजा दी थी और उन्हें मंदिर के मुख्य गेट पर लटका दिया था इसलिए इस मंदिर को पूरे 12 सालों के लिए बंद कर दिया गया था।

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Tirupati Balaji ke Rahasya

  • मंदिर के बारे में एक और हैरानी जनक रहस्य यह है कि अगर आप इस मंदिर में जाते हो और भगवान तिरुपति जी की मूर्ति पर कान लगाकर सुनोगे तो आपको समुद्र की आवाज़ें सुनाई देंगी। शायद यही कारण है कि तिरुपति बालाजी की मूर्ति हमेशा ही गीली रहती है।
  • आपको तिरुपति मंदिर में एक अजीब सी शांति महसूस होगी।
  • भगवान तिरुपति बालाजी जी के मंदिर के मुख्य दरवाज़े के दायीं ओर एक छड़ी है। कहते हैं इसी छड़ी से बालाजी की बालरूप में पिटाई की गई थी जिस कारण उनकी ठोड़ी पर चोट लग गई थी । तब से लेकर अबतक उनकी ठोड़ी पर चन्दन का लेप लगाया जाता है ताकि उनका घाव भर सके और उनका दर्द कम हो सके।

Tirupati balaji rahasya in hindi

  • भगवान तिरुपति बालाजी के मंदिर में एक दीया हमेशा जलता रहता है। इसमें ना ही कभी तेल डाला जाता है और ना ही कभी घी। फिर भी यह दीपक सदैव जलता ही रहता है। इसमें आश्चर्य करने वाली बात यह है कि यह दीया कब और किसने जलाया था इसके बारे में कुछ प्रमाण नहीं हैं क्योंकि यह दीया कई सालों से ऐसे ही जल रहा है।
  • आप दर्शन करने के लिए बालाजी के मंदिर में जाएंगे तो आप हक्के बक्के रह जाएंगे क्योंकि भगवान की मूर्ति को गर्भगृह से देखेंगे तो भगवान की मूर्ति गर्भगृह के मध्य में दिखाई देगी लेकिन जब आप बाहर आकर इस मूर्ति को देखेंगे तो यह मूर्ति मंदिर के दायीं ओर दिखाई देगी।
  • आपको शायद पता नहीं हो कि भगवान तिरुपति बालाजी की मूर्ति पर एक ख़ास तरह का पचाई कपूर लगाया जाता है। इस पचाई कपूर की खासियत यह है कि अगर इस कपूर को किसी पत्थर पर चढ़ाया जाता है तो वो पत्थर कुछ समय बाद चटक जाता है लेकिन भगवान तिरुपति बालाजी की प्रतिमा पर इस कपूर का कोई असर नहीं होता।

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Tirupati Balaji ke Rahasya – tirupati balaji rahasya in hindi : Facts about tirupati balaji in hindi

  • आपको जानकर हैरानी होगी कि मंदिर में जितने भी फूल, पत्ती और तुलसी के पत्ते चढ़ाये जाते हैं उन्हें भक्तों को नहीं दिया जाता बल्कि पीछे स्तिथ एक जल कुंड में विसर्जित कर दिया जाता है क्योंकि फूलों को देखना और पास रखना शुभ नहीं माना जाता।
  • वीरवार के दिन भगवान तिरुपति बालाजी को पूर्ण रूप से चन्दन का लेप लगाया जाता है लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जायेंगे कि जब चन्दन को हटाया जाता है तो वहां अपने आप माता लक्ष्मी जी की प्रतिभा उभर जाती है।
  • भगवान तिरुपति बालाजी को नीचे धोती और ऊपर साड़ी से सजाया जाता है।
  • मंदिर से 23 किलोमीटर दूरी पर एक गांव है और उस गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से मना है।
  • भगवान को मक्खन, दूध और पवित्र पत्ते सिर्फ उसी गाँव से लाकर चढ़ाये जाते हैं।
  • तिरुपति मंदिर सात पहाड़ियों के बीच स्थित है। मंदिर में हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है।
  • मंदिर की कमाई का एक बड़ा हिस्सा भक्तों द्वारा दान किये गये बालों से आता है।
  • तिरुपति मंदिर में भक्त भारी मात्रा में दान करते हैं। मान्यता अनुसार मंदिर में दान करने की परंपरा विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के समय से ही चली आ रही है। राजा कृष्णदेव राय इस मंदिर में हीरे और सोना चांदी का दान किया करते थे।
  • एक मान्यता के अनुसार तिरुपति मंदिर में जो भी भक्त अपने बालों का दान करता है। भगवान उनसे बहुत प्रसन्न होते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं।

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