Utpanna Ekadashi: उत्पन्ना देवी के पूजन से मिलेगा श्री हरी का आशीर्वाद

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Utpanna Ekadashi puja vidhi muhurat – मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी मनाई जाती है | एकादशी का यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। बहुत कम ही लोग जानते हैं कि एकादशी एक देवी थी, जिनका जन्म भगवान विष्णु से हुआ था। उत्पन्ना एकादशी इस बार 22 नंवबर को पड़ेगी| एकादशी माता मार्गशीर्ष मास की कृष्ण एकादशी को प्रकट हुई थीं, जिसके कारण इस एकादशी का नाम उत्पन्ना एकादशी पड़ा। इसी दिन से एकादशी व्रत शुरू हुआ था।

utpanna ekadashi puja vidhi muhurat

Utpanna Ekadashi puja vidhi muhurat | उत्पन्ना एकादशी पूजा विधि कथा

महत्व | mahatva

  • इस व्रत को पूरे विधि विधान से करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है। उसे विष्णु लोक मिलता है। इसे वैतरणी एकादशी या उत्पतिका एकादशी भी कहा जाता है।
  • एकादशी में अन्न का सेवन करने से पुण्य का नाश होता है तथा भारी दोष लगता है। इस व्रत को करने वाला दिव्य फल प्राप्त करता है।

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Utpanna Ekadashi puja vidhi muhurat

मुहूर्त | muhurat

  • उत्पन्ना एकादशी शुक्रवार, 22 नवम्बर 2019
  • 23 नवम्बर को पारण (व्रत तोड़ने का) समय – 01 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक।
  • पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय – सुबह 11 बजकर 44 मिनट पर।

कथा | katha

  • सतयुग के समय मुर नाम का राक्षस था,जिसने अपनी शक्ति से स्वर्ग लोक को जीत लिया था। ऐसे में इंद्रदेव ने विष्णुजी से मदद मांगी और कहां मुर के आतंक को रोका जाए| तब विष्णुजी और मुर दैत्य के बीच युद्ध हुआ जो कई वर्षों तक चला।
  • अंत में विष्णु जी को नींद आने लगी तब वह बद्रिकाश्रम में हेमवती नामक गुफा में विश्राम करने चले गए। मुर भी उनका पीछा करते हुए वहां पहुंचा और सोते हुए भगवान को मारने के लिए आगे बढ़ा, तभी विष्णु जी के तेज़ से कन्या उत्पन्न हुई जिसने मुर से युद्ध किया। घमासान युद्ध के बाद कन्या ने मुर का मस्तक धड़ से अलग कर दिया गया।
  • जब विष्णु की नींद टूटी तो उन्हें आश्चर्य हुआ कि यह कैसे हुआ? तब उस कन्या ने सब कुछ विस्तार से बताया जिससे खुश होकर विष्णु जी ने वरदान मांगने के लिए कहा। कन्या ने मांगा कि अगर कोई मेरा उपवास करे तो उसके सारे पाप नाश हो जाएं और उसे विष्णुलोक मिले। तब भगवान ने वरदान दिया कि आज से तुम्हारा नाम उत्पन्ना होगा और जो भी आज के दिन व्रत का पालन करेगा उसके सभी पापों का नाश होगा और विष्णु लोक की प्राप्ति होगी।

Utpanna Ekadashi puja vidhi muhurat

पूजा विधि | puja vidhi

  • प्रातः काल उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और देवी उत्पन्ना की मूर्ती स्थापित करें |
  • उसके बाद विधि-विधान से धूप, दीप, नैवेद्य आदि सोलह सामग्री से भगवान का पूजन करें |
  • पूजा के बाद आरती करें और भगवान विष्णु से अनजाने में हुई भूल की क्षमा मांगे।
  • व्रत का संकल्प लें और रात में श्री हरी के नाम का जागरण करें |
  • अगली सुबह ब्राह्मण को अपनी श्रद्धानुसार खाना खिलाएं और ज़रूरतमंदो को दान करें |

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