वेश्यालय की मिट्टी क्यों मिलाई जाती है मां दुर्गा की मूर्ति में

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Veshyalay ki mitti kyu milate hai durga murti me – ये सभी जानते हैं कि दुर्गा पूजा में पूजी जाने वाली माँ दुर्गा की मूर्ति का एक खास महत्व होता है। दुर्गा मां की मूर्ति बनाने के लिए गंगा तट की मिट्टी, गौमूत्र, गोबर और वेश्यालय की मिट्टी का होना बहुत ज़रुरी है। इन्हीं सबको मिलाकर मूर्ति का निर्माण किया जाता है। तो जानिए वेश्‍यालय की मिट्टी से ही क्‍यों बनती है मां दुर्गा की मूर्ति। क्या है इसके पीछे की मान्यता।

veshyalay ki mitti kyu milate hai durga murti me

क्या है मान्यता- veshyalay ki mitti kyu milate hai durga murti me

  • दुर्गा पूजा के लिए तैयार की गई दुर्गा की मूर्तियों को बनाने के लिए वेश्यालय से मिट्टी लाई जाती है। इसके बाद ही मूर्ति का निर्माण किया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति वेश्यालय में जाता है, तो वह अपनी पवित्रता द्वार पर ही छोड़ जाता है। भीतर प्रवेश करने से पूर्व उसके अच्छे कर्म और शुद्धियां बाहर रह जाती हैं। इस कारण वेश्यालय के आंगन की मिट्टी पवित्र मानी गई है और इसलिए इसका प्रयोग दुर्गा मूर्ति के लिए किया जाता है।

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  • दूसरी मान्यता है कि महिषासुर के दुष्ट व्यवहार से तंग आकर देवी दुर्गा ने क्रोध में आकर महिषासुर का वध किया था। इसे नारी शक्ति के रुप में देखा जाता है। इसी तरह वेश्याओं को भी स्त्री शक्ति का अवतार माना जाता है। इस कारण इनके आंगन की मिट्टी को शुद्ध माना गया है।

maa durga ki murti

  • तीसरी मान्यता के अनुसार वेश्याओं को उनके बुरे कर्मों से मुक्ति दिलाने के लिए उनके घर की मिट्टी का उपयोग किया जाता है। ऐसा करके उनके कर्मों को शुद्ध करने का प्रयास किया जाता है।
  • चौथी मान्यता है कि प्राचीन काल में एक वेश्‍या मां दुर्गा की परम भक्‍त थी। उसे तिरस्कार से बचाने के लिए मां ने स्‍वंय आदेश देकर उसके आंगन की मिट्टी से अपनी मूर्ति स्थापित करवाने की परंपरा शुरू करवाई थी।

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प्राचीन काल से यह परंपरा प्रचलित है कि दुर्गा पूजा शुरू होने से एक महीने पहले, पुजारी या मूर्तिकार को वेश्यालय का दौरा करना पड़ता है और वेश्याओं को उनके हाथों से ही मिट्टी देने के लिए कहा जाता है। अगर वह मना कर देती है, तो पुजारी तब तक मिट्टी मांगते रहते हैं, जब तक वह उससे सहमत न हो और मिट्टी उन्हें सौंप न दें। कुछ मंत्रों के जप के साथ पुजारी मिट्टी को हाथ में लेते हैं। कहते हैं इस मंत्र के द्वारा वो उस महिला की आत्मा की शुद्धि मांगते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं।

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