भगवान शिव पर क्यों चढ़ाया जाता है धतूरा, क्या है इसके पीछे की कहानी

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Why Lord Shiva is offered Daturaभगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए धतूरा अर्पित किया जाता है। भगवान शिव पर धतूरा अर्पित किए जाने का पौराणिक महत्व है। ऐसा करने से शिव जी खुश हो जाते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। महाशिवरात्रि पर भी इसकी खास मांग रहती है ताकि भोलेनाथ को प्रसन्‍न किया जा सके। वैसे तो आम दिनों में भी भोलेनाथ पर ये चढ़ाया जाता है। तो चलिए जानते हैं भगवान शिव पर क्यों चढ़ाया जाता है धतूरा, क्या है इसके पीछे की कहानी।

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Why Lord Shiva is offered Datura – भोलेनाथ को क्यों चढ़ाते हैं धतूरा

  • श‌िव महापुराण के अनुसार भगवान श‌िव को नीलकंठ कहा गया है। क्योंक‌ि सागर मंथन के समय भगवान शिव ने सागर मंथन से उत्पन्न हालाहल व‌िष को पीकर सृष्ट‌ि को तबाह होने से बचाया था।
  • लेक‌िन व‌िष पीने के बाद भगवान श‌िव का गला नीला पड़ गया था, क्योंक‌ि इन्होंने व‌िष को अपने गले से नीचे नहीं उतरने द‌िया था।
  • इसकी वजह से व‌िष भगवान श‌िव के मस्तिष्क पर चढ़ गया और भोलेनाथ बेहोश हो गए। ऐसी स्‍थ‌ित‌ि में देवताओं के सामने भगवान श‌िव को होश में लाना एक बड़ी चुनौती बन गई।
  • भाग्वत् पुराण के अनुसार इस स्‍थ‌ित‌ि में आद‌ि शक्त‌ि प्रकट हुई और उन्होंने देवताओं से जड़ी बूट‌ियों और जल से शिव जी का उपचार करने को कहा।  

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Why Lord Shiva is offered Datura

  • देवताओं ने भगवान श‌िव के स‌िर से हालाहल की गर्मी को दूर करने के ल‌िए उनके स‌िर पर धतूरा, भांग को रखा और न‌िरंतर जलाभ‌िषेक क‌िया। ऐसा करने से श‌िव जी के स‌िर से व‌िष निकल गया और भगवान होश में आ गए। बस तब से ही श‌िव जी को धतूरा, भांग और जल चढ़ाया जाने लगा।

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धतूरा कई रोगों को दूर करता है

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Why Lord Shiva is offered Datura

  • धतूरे के पत्तों का धूँआ दमा शांत करता है।
  • धतूरे की जड़ सूंघने से मृगीरोग शाँत हो जाता है।
  • धतूरे के पत्तो पर तेल लगाकर उसे आग पर सेंके और फिर पेट पर बाँधे। ऐसा करने से सर्दी दूर हो जाती है।
  • धतूरा गंजेपन का असरदार इलाज है। इसके रस को बालों में लगाने से डैंड्रफ की समस्‍या भी दूर होती है।
  • धतूरे का रस तिल के तेल में गर्म करके लगाने से गठिया रोग को दूर होता है।
  • धतूरे के चूर्ण में घी मिक्स करके रोज़ाना सेवन करने से महिलाओं को गर्भधारण करने में मदद मिलती है।

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