योगिनी एकादशी व्रत और इसका महत्व

Yogini Ekadashi – आज योगिनी एकादशी है। आषाढ़ के महीने में कृष्णपक्ष में आने वाली पहली एकादशीको योगिनी एकादशी कहते हैं। इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस एकादशी को व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को खाना खिलाने जितना पुण्य और लाभ मिलता है। हिंदु धर्म में एकादशी की खास मान्यता है। एक साल में 24 एकादशी होती है। ऐसा कहा जाता है कि एकादशी के व्रत रखने से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

yogini ekadashi

योगिनी एकादशी व्रत कथा

पुराणों में लिखी कथाओं के अनुसार धनाध्यक्ष कुबेर भगवान शिव के परम भक्त थे। धनाध्यक्ष कुबेर ने हेम नाम के माली को फूल लाने का काम सौंपा लेकिन एक दिन काम के वशीभूत होकर, हेम अपनी पत्नी संग विहार करने लगे और पुष्प समय से नहीं पहुंचा पाए। इस वजह से धनाध्यक्ष कुबेर ने हेम को स्त्री वियोग और कुष्ठ रोगी होने का श्राप दे दिया। तब एक ऋषि ने उसे योगिनी एकादशी का व्रत रखने को कहा।ऋषि की बात का पालन करते हुए हेममाली ने इस एकादशी का व्रत किया और व्रत के प्रभाव से उसे श्राप से मुक्ति मिली और पूरी तरह से ठीक हो गया। उस वक्त से ही इस एकादशी का महत्व बहुत बढ़ गया।

yogini ekadashi vrat

योगिनी एकादशी व्रत की पूजा विधी

शास्त्रों की मानें तो इस एकादशी के व्रत की शुरूआत दशमी तिथि की रात से होती है। फिर अगली सुबह उठकर व्रत का संकल्प लें और नहाने के बाद व्रत जारी रखें। भगवान विष्णु की मूर्ति को स्नान कराने के बाद मूर्ति  पर फूल, धूप और दीपक से पूजा करें। बाद में एकादशी व्रत की कथा सुनें। साथ ही पीपल के पेड़ की पूजा भी ज़रूर करें। ऐसा करने से आपके सारे पाप नष्ट होते हैं।

Read Yogini Ekadashi vrat ki vidhi in hindi. Like our facebook page for more such updates.

ऐसी ही और जानकरी के लिए हमारे न्यूजलेटर को सबस्क्राइब करें और फेसबुकट्विटर और गूगल पर हमें फ़ॉलों करें।

Yogini Ekadashi

Leave a Reply

Your email address will not be published.

The content and images used on this site are copyright protected and copyrights vests with their respective owners. The usage of the content and images on this website is intended to promote the works and no endorsement of the artist shall be implied. Read more detailed ​​disclaimer
Copyright © 2018 Tentaran.com. All rights reserved.